📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / KLALRN70
शिक्षा
हरियाणा के अतिथि शिक्षकों ने 15 नवंबर को ‘ब्लैक दिवाली’ के तहत राज्य स्तर पर प्रदर्शन करने का निर्णय
✍️ The Times of India
🗓 08 नव. 2026, 11:37 AM
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हरियाणा में काम करने वाले अतिथि शिक्षकों ने 15 नवंबर को ‘ब्लैक दिवाली’ के तहत राज्य स्तर पर प्रदर्शन करने का फैसला किया है, जिसमें नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की मांग की जाएगी।
हरियाणा में विभिन्न जिलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों ने 15 नवंबर को ‘ब्लैक दिवाली’ मनाते हुए राज्य स्तर पर एक समन्वित प्रदर्शन करने का एलान किया है। कई महीनों से नियमितीकरण न मिलने और स्थायी कर्मचारियों के वेतन से अंतर के कारण उनका निराशा बढ़ती जा रही है।
शिक्षक संघों ने बताया कि इस दिन जिलाधिकारी कार्यालयों के बाहर रैलियां, प्रमुख शहरों में मार्च और सोशल मीडिया पर अपनी समस्याओं को उजागर करने का अभियान चलाया जाएगा। भाग लेने वाले सभी शिक्षकों को काली पोशाक पहनने की सलाह दी गई है, जिससे ‘ब्लैक दिवाली’ का प्रतीकात्मक अर्थ स्पष्ट हो।
उनकी मुख्य मांगों में अतिथि पदों को स्थायी बनवाना, समान वेतन संरचना लागू करना और बकाया वेतन का भुगतान शामिल है। भविष्य की भर्ती और अनुबंध नवीनीकरण के लिए सरकार द्वारा एक पारदर्शी नीति भी मांगी जा रही है।
राज्य सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर शिक्षा विभाग ने प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधियों से मिलकर समाधान पर चर्चा करने का संकेत दिया है। स्कूलों में किसी भी प्रकार की व्यवधान की स्थिति में मौजूदा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी, यह चेतावनी भी जारी की गई है।
यह प्रदर्शन 15 नवंबर को आयोजित होगा, जो त्योहारी मौसम के साथ मेल खाता है, जिससे शिक्षकों की समस्या पर व्यापक सार्वजनिक ध्यान आकर्षित हो सके और सरकार पर दबाव बढ़े।
शिक्षक संघों ने बताया कि इस दिन जिलाधिकारी कार्यालयों के बाहर रैलियां, प्रमुख शहरों में मार्च और सोशल मीडिया पर अपनी समस्याओं को उजागर करने का अभियान चलाया जाएगा। भाग लेने वाले सभी शिक्षकों को काली पोशाक पहनने की सलाह दी गई है, जिससे ‘ब्लैक दिवाली’ का प्रतीकात्मक अर्थ स्पष्ट हो।
उनकी मुख्य मांगों में अतिथि पदों को स्थायी बनवाना, समान वेतन संरचना लागू करना और बकाया वेतन का भुगतान शामिल है। भविष्य की भर्ती और अनुबंध नवीनीकरण के लिए सरकार द्वारा एक पारदर्शी नीति भी मांगी जा रही है।
राज्य सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर शिक्षा विभाग ने प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधियों से मिलकर समाधान पर चर्चा करने का संकेत दिया है। स्कूलों में किसी भी प्रकार की व्यवधान की स्थिति में मौजूदा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी, यह चेतावनी भी जारी की गई है।
यह प्रदर्शन 15 नवंबर को आयोजित होगा, जो त्योहारी मौसम के साथ मेल खाता है, जिससे शिक्षकों की समस्या पर व्यापक सार्वजनिक ध्यान आकर्षित हो सके और सरकार पर दबाव बढ़े।