📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / This photograph was taken with a Canon EOS REBEL
मनोरंजन
विवेक ओबेरॉई ने 2000 के दशक के बॉलीवुड बॉयकॉट के दौरान 'नर्क' जैसा अनुभव साझा किया
✍️ Mid-Day
🗓 08 नव. 2026, 01:42 AM
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होटेलियर और अभिनेता विवेक ओबेरॉई ने खुलासा किया है कि 2000 के दशक में हुई इंडस्ट्री बॉयकॉट के दौरान उन्होंने एक बेहद कठिन दौर का सामना किया, जिसे उन्होंने 'नर्क' के रूप में वर्णित किया।
होटेली और मनोरंजन क्षेत्र के प्रमुख व्यक्तित्व विवेक ओबेरॉई ने हाल ही में 2000 के दशक की शुरुआत में उनके सामने आए कठिन समय के बारे में बात की है। उन्होंने बॉलीवुड बॉयकॉट के दौरान अपने अनुभव को 'नर्क' के रूप में वर्णित किया है।
उस दौर में हुई इंडस्ट्री बॉयकॉट ने उन लोगों के लिए एक विषैला माहौल बनाया था, जिससे उन्हें व्यावसायिक और व्यक्तिगत दोनों तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ओबेरॉई के इन शब्दों से पता चलता है कि ऐसे इंडस्ट्री-व्यापी विवादों के दौरान अभिनेता और व्यापारी कितनी तीव्र दबाव और अलगाव का अनुभव करते हैं।
हालांकि, बॉलीवुड इतिहास में उस बॉयकॉट की घटना दो दशकों से अधिक पुरानी है, लेकिन ओबेरॉई की हालिया टिप्पणियों ने इस पेशेवर संघर्ष के मानवीय मूल्य को फिर से प्रकाश में लाया है। उनके द्वारा इस अतीत के अध्याय पर चर्चा करने से मनोरंजन जगत में जीवन की जटिलताओं का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ओबेरॉई ने तब से होटल व्यवसाय में एक सफल करियर बनाया है और अपने व्यापार साम्राज्य को विस्तार दिया है, लेकिन उनके द्वारा इस बीते हुए अध्याय पर बात करने से सार्वजनिक दृष्टि में जीने की कठिनाइयों की झलक मिलती है।
उस दौर में हुई इंडस्ट्री बॉयकॉट ने उन लोगों के लिए एक विषैला माहौल बनाया था, जिससे उन्हें व्यावसायिक और व्यक्तिगत दोनों तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ओबेरॉई के इन शब्दों से पता चलता है कि ऐसे इंडस्ट्री-व्यापी विवादों के दौरान अभिनेता और व्यापारी कितनी तीव्र दबाव और अलगाव का अनुभव करते हैं।
हालांकि, बॉलीवुड इतिहास में उस बॉयकॉट की घटना दो दशकों से अधिक पुरानी है, लेकिन ओबेरॉई की हालिया टिप्पणियों ने इस पेशेवर संघर्ष के मानवीय मूल्य को फिर से प्रकाश में लाया है। उनके द्वारा इस अतीत के अध्याय पर चर्चा करने से मनोरंजन जगत में जीवन की जटिलताओं का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ओबेरॉई ने तब से होटल व्यवसाय में एक सफल करियर बनाया है और अपने व्यापार साम्राज्य को विस्तार दिया है, लेकिन उनके द्वारा इस बीते हुए अध्याय पर बात करने से सार्वजनिक दृष्टि में जीने की कठिनाइयों की झलक मिलती है।