🔥 ट्रेंडिंग भगवान राम की यात्रा से प्रेरित होकर नो... कोच्चि में एंटी-SIR रैली में अभिजीत दी... चीन का नौदलीय बेड़ा 400 जहाजों से अधिक... तमिलनाडु सरकार अम्बेडकर लॉ यूनिवर्सिटी... ट्रंप ने डेमोक्रेट्स के जेल जाने की मा... अमृतसर के गाँव में 100 से अधिक सशस्त्र...
08 नव. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
भारतीय हाई कोर्ट ने कहा, बिक्री इनवॉइस से पेटेंट अधिकार क्षेत्र स्थापित नहीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
टेक्नोलॉजी

भारतीय हाई कोर्ट ने कहा, बिक्री इनवॉइस से पेटेंट अधिकार क्षेत्र स्थापित नहीं

✍️ Live Law 🗓 07 नव. 2026, 11:37 PM 👁 1
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

कोर्ट ने कहा कि केवल बिक्री इनवॉइस से पेटेंट उल्लंघन मामले में अधिकार क्षेत्र तय नहीं किया जा सकता।

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने पेटेंट उल्लंघन मामलों में अधिकार क्षेत्र स्थापित करने के मानदंडों को स्पष्ट किया। कोर्ट ने एक ऐसे मामले की सुनवाई की जहाँ वादी ने कुछ ही बिक्री इनवॉइसों के आधार पर यह साबित करने की कोशिश की कि उल्लंघन का कार्यक्षेत्र अदालत के अधिकार क्षेत्र में है।

न्यायाधीशों ने कहा कि अलग‑अलग इनवॉइस किसी निरंतर व्यावसायिक उपस्थिति को दर्शाते नहीं हैं और इसलिए केवल इन पर अधिकार क्षेत्र का दावा नहीं किया जा सकता। अधिकार क्षेत्र स्थापित करने के लिए नियमित बिक्री, वितरण नेटवर्क या उत्पादन जैसी सतत व्यावसायिक गतिविधियों के प्रमाण आवश्यक हैं।

विचाराधीन इनवॉइसों को अस्वीकार करके यह निर्णय इस बात का संकेत देता है कि पेटेंट धारकों को भारतीय अदालतों में मुकदमा दायर करने के लिए अपने बाजार में वास्तविक उपस्थिति सिद्ध करनी होगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह रुख भविष्य में पेटेंट विवादों की रणनीति को बदल देगा, जिससे पक्षों को अधिक व्यापक प्रमाण जुटाने की आवश्यकता पड़ेगी।

यह फैसला अधिकार क्षेत्र के दुरुपयोग को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है कि भारत में पेटेंट प्रवर्तन वास्तविक व्यावसायिक वास्तविकताओं के अनुरूप हो।
📲Get App