📷 चित्र स्रोत: Hindustan Times (via NewsData)
राजनीति
कोच्चि में एंटी-SIR रैली में अभिजीत दीपके ने 2029 में मोदी सरकार की हार की भविष्यवाणी की
✍️ Hindustan Times
🗓 08 नव. 2026, 05:42 AM
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कोच्चि में एक रैली में सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ग्यानेश कुमार की सुरक्षा के लिए युवाओं के खिलाफ युद्ध कर रही है और उन्होंने 2029 में शासक दल की हार की भविष्यवाणी की।
कोच्चि में आयोजित एंटी-SIR (स्टूडेंट इंडिपेंडेंस रैली) में सीजेपी से जुड़े अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार के भविष्य पर अपनी राय रखी। उन्होंने इस मौके पर 2029 की आम चुनावों में मौजूदा सरकार को हराए जाने की भविष्यवाणी की।
दीपके ने अपनी बात रखते हुए कहा कि राजनीतिक रुझान शासक दल के खिलाफ मुड़ रहे हैं और उनकी सरकार का काल 2029 के बाद नहीं चलेगा। उन्होंने यह दावा किया कि युवाओं की आवाज़ को दबाने के लिए सरकार गहन प्रयास कर रही है।
इस रैली का मुख्य विषय ग्यानेश कुमार से जुड़ी विवादित स्थिति थी। दीपके ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ग्यानेश कुमार को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए देश के युवाओं के खिलाफ एक 'युद्ध' छेड़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री के लिए ग्यानेश कुमार इतना महत्वपूर्ण क्यों है, जिससे पता चलता है कि सरकार न्याय की बजाय राजनीतिक सुरक्षा पर ध्यान दे रही है।
इस भाषण ने छात्र आंदोलनकारियों और केंद्रीय नेतृत्व के बीच बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति को उजागर किया, जहाँ दीपके ने सरकार के इस मामले में रुख और युवा पीढ़ी पर इसके प्रभाव की तीव्र निंदा की।
दीपके ने अपनी बात रखते हुए कहा कि राजनीतिक रुझान शासक दल के खिलाफ मुड़ रहे हैं और उनकी सरकार का काल 2029 के बाद नहीं चलेगा। उन्होंने यह दावा किया कि युवाओं की आवाज़ को दबाने के लिए सरकार गहन प्रयास कर रही है।
इस रैली का मुख्य विषय ग्यानेश कुमार से जुड़ी विवादित स्थिति थी। दीपके ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ग्यानेश कुमार को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए देश के युवाओं के खिलाफ एक 'युद्ध' छेड़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री के लिए ग्यानेश कुमार इतना महत्वपूर्ण क्यों है, जिससे पता चलता है कि सरकार न्याय की बजाय राजनीतिक सुरक्षा पर ध्यान दे रही है।
इस भाषण ने छात्र आंदोलनकारियों और केंद्रीय नेतृत्व के बीच बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति को उजागर किया, जहाँ दीपके ने सरकार के इस मामले में रुख और युवा पीढ़ी पर इसके प्रभाव की तीव्र निंदा की।