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08 नव. 2026•
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डेक्कन क्रॉनिकल ने नोबेल पुरस्कारों में यूरो‑सेंट्रिक पक्षपात पर प्रकाश डाला
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Saar Yaacov, GPO
विदेश

डेक्कन क्रॉनिकल ने नोबेल पुरस्कारों में यूरो‑सेंट्रिक पक्षपात पर प्रकाश डाला

✍️ Deccan Chronicle 🗓 08 नव. 2026, 04:40 AM 👁 3
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डेक्कन क्रॉनिकल के संपादकीय में नोबेल पुरस्कारों में यूरो‑सेंट्रिक प्रवृत्ति पर सवाल उठाए गए हैं, जो गैर‑यूरोपीय विद्वानों के योगदान को अनदेखा करता है।

डेक्कन क्रॉनिकल ने "The Eurocentric, Myopic, Bias Of The Nobel Prizes" शीर्षक से एक संपादकीय प्रकाशित किया, जिसमें प्रतिष्ठित पुरस्कारों के संभावित क्षेत्रीय झुकाव की आलोचना की गई है। लेख में बताया गया है कि नोबेल पुरस्कार, जो वैश्विक मान्यता के रूप में प्रस्तुत होते हैं, उनके चयन इतिहास में विज्ञान, साहित्य और शांति श्रेणियों में यूरोपीय विजेताओं का अनुपातिक अधिक महत्व दिखता है। यह दर्शाता है कि एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के विद्वानों और रचनाकारों को अक्सर उनके योगदान के बावजूद कम प्रतिनिधित्व मिला है।
संपादकीय तर्क देता है कि यह यूरो‑सेंट्रिक प्रवृत्ति विश्व भर में हो रहे नवाचारों की दृश्यता को सीमित करती है और उत्कृष्टता की संकीर्ण कथा को सुदृढ़ करती है। पिछले पुरस्कार सूची में मौजूद अंतराल को उजागर करके, लेख संकेत देता है कि नोबेल समिति के मानदंड अनजाने में यूरोप के परिचित संस्थानों और नेटवर्क को प्राथमिकता दे सकते हैं।
सुधार की मांग करते हुए, डेक्कन क्रॉनिकल ने नोबेल फाउंडेशन से अधिक समावेशी और पारदर्शी नामांकन प्रक्रिया अपनाने का आग्रह किया है, जो विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों से आए उपलब्धियों को सक्रिय रूप से पहचान सके। यह जोर देता है कि एक सच्चा वैश्विक पुरस्कार मानव नवाचार की विविधता को प्रतिबिंबित करे और समान मान्यता को बढ़ावा दे।
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