📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / रूही
धर्म
दीवाली से पहले अयोध्या में 30 लाख दीयों से जगाया गया शहर
✍️ NDTV
🗓 08 नव. 2026, 05:38 AM
👁 3
दीवाली पर्व से पहले भगवान राम के जन्मभूमि अयोध्या में श्रद्धा और भक्ति के प्रतीक के रूप में 30 लाख से अधिक दीये जलाए गए हैं।
उत्तर प्रदेश की पवित्र नगरी अयोध्या में आगामी दिवाली पर्व से पहले भक्ति और श्रद्धा के प्रतीक के रूप में 30 लाख से अधिक दीये जलाए गए हैं। इस विशाल प्रकाश व्यवस्था से शहर सुनहरी रोशनी में डूब गया है, जिसने स्थानीय निवासियों और आगंतुकों के बीच एक शांत और आध्यात्मिक माहौल पैदा किया है।
भगवान श्री राम के जन्मभूमि अयोध्या में यह परंपरागत प्रथा है, जो शहर के गहरे धार्मिक महत्व को दर्शाती है। लाखों दीपों की इस विशाल प्रज्वलित व्यवस्था ने स्थानीय समुदाय और तीर्थयात्रियों के बीच व्याप्त उत्साह और विश्वास को रेखांकित किया है।
स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवकों ने प्रदर्शन की सुरक्षा और सौंदर्य के लिए इस प्रज्वलन का समन्वय किया है। जलते हुए दीयों ने सोशल मीडिया पर भी केंद्र बन कर खड़ा किया है, जहाँ हज़ारों तस्वीरें और वीडियो साझा किए गए हैं, जो क्षेत्र की अनोखी सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हैं।
दिवाली के आगमन के साथ, शहर में गतिविधियां तेज हो गई हैं, जहां बाजार और मंदिर भक्तों की भीड़ के लिए तैयार हैं। इन दीयों का प्रज्वलन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह पूरे राष्ट्र के लिए शांति और समृद्धि का प्रतीक भी है।
भगवान श्री राम के जन्मभूमि अयोध्या में यह परंपरागत प्रथा है, जो शहर के गहरे धार्मिक महत्व को दर्शाती है। लाखों दीपों की इस विशाल प्रज्वलित व्यवस्था ने स्थानीय समुदाय और तीर्थयात्रियों के बीच व्याप्त उत्साह और विश्वास को रेखांकित किया है।
स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवकों ने प्रदर्शन की सुरक्षा और सौंदर्य के लिए इस प्रज्वलन का समन्वय किया है। जलते हुए दीयों ने सोशल मीडिया पर भी केंद्र बन कर खड़ा किया है, जहाँ हज़ारों तस्वीरें और वीडियो साझा किए गए हैं, जो क्षेत्र की अनोखी सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हैं।
दिवाली के आगमन के साथ, शहर में गतिविधियां तेज हो गई हैं, जहां बाजार और मंदिर भक्तों की भीड़ के लिए तैयार हैं। इन दीयों का प्रज्वलन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह पूरे राष्ट्र के लिए शांति और समृद्धि का प्रतीक भी है।