📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / 3 kids in a trenchcoat
खानपान
आसलपुर की मिठाई की दुकानें मिट्टी के ओवन और लकड़ी की आग से परंपरा को जीवित रखती हैं
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 07 नव. 2026, 04:36 PM
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जयपुर के आसलपुर गांव में दो मिठाई की दुकानें मिट्टी के ओवन और लकड़ी की धीमी आग से पारंपरिक मिठाइयाँ बनाती हैं, आधुनिक युग में परंपरा को जीवित रखती हैं।
आसलपुर, जयपुर जिले का एक छोटा गाँव, जहाँ दो मिठाई की दुकानें आधुनिक तकनीक के बावजूद मिट्टी के ओवन और लकड़ी की आग से पारंपरिक मिठाइयाँ बनाती हैं।
इन दुकानों में ताज़ा दूध को धीमी लकड़ी की आग पर मिट्टी के ओवन में धीरे-धीरे मावा बनाया जाता है, जिससे मिठाइयों को खास स्वाद और बनावट मिलती है।
इस पारंपरिक विधि को अपनाकर वे एक ऐसी पाक विरासत को जीवित रखते हैं जिसे कई युवा मिठाई निर्माता छोड़ चुके हैं। उनकी मिठाइयाँ स्थानीय और पर्यटकों दोनों के बीच लोकप्रिय हैं।
इसके अलावा, ये दुकानें गाँव की अर्थव्यवस्था में योगदान देती हैं, क्योंकि वे पास के खेतों से दूध खरीदती हैं और स्थानीय श्रमिकों को रोजगार देती हैं।
इन दुकानों में ताज़ा दूध को धीमी लकड़ी की आग पर मिट्टी के ओवन में धीरे-धीरे मावा बनाया जाता है, जिससे मिठाइयों को खास स्वाद और बनावट मिलती है।
इस पारंपरिक विधि को अपनाकर वे एक ऐसी पाक विरासत को जीवित रखते हैं जिसे कई युवा मिठाई निर्माता छोड़ चुके हैं। उनकी मिठाइयाँ स्थानीय और पर्यटकों दोनों के बीच लोकप्रिय हैं।
इसके अलावा, ये दुकानें गाँव की अर्थव्यवस्था में योगदान देती हैं, क्योंकि वे पास के खेतों से दूध खरीदती हैं और स्थानीय श्रमिकों को रोजगार देती हैं।