📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joydeep
बिज़नेस
पश्चिम बंगाल ने औद्योगिक भूखंडों के लिए GIS‑आधारित लैंड बैंक की योजना बनाई
✍️ NDTV
🗓 07 नव. 2026, 05:44 PM
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राज्य सरकार सभी उपलब्ध औद्योगिक भूखंडों को GIS के माध्यम से सूचीबद्ध करने के लिए लैंड बैंक तैयार कर रही है।
पश्चिम बंगाल सरकार एक व्यापक लैंड बैंक बनाने की संभावना पर विचार कर रही है, जिसमें भू‑स्थानिक सूचना प्रणाली (GIS) के ज़रिये सभी उपलब्ध औद्योगिक भूखंडों को डिजिटल रूप में दर्शाया जाएगा। इस डेटाबेस से निवेशकों को एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर उपयुक्त साइटों की जानकारी मिल सकेगी, जिससे कई बार स्थल पर जाने की आवश्यकता कम होगी।
प्रस्ताव में कहा गया है कि GIS‑आधारित प्रणाली भूमि के स्वामित्व, बुनियादी ढाँचे की पहुँच और नियामक मंज़ूरी जैसी जानकारी को एक साथ दिखाएगी, जिससे ड्यू‑डिलिजेंस प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी होगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे औद्योगिक भूमि के आवंटन में समय की बचत होगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
यह कदम राज्य के विनिर्माण को पुनर्जीवित करने और नई निवेश प्रवाह को आकर्षित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जो हाल के धीमे विकास को उलटने की दिशा में है। भूमि‑सूचना को आसानी से उपलब्ध कराकर सरकार बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करना चाहती है।
इन विवरणों को NDTV के एक विश्लेषणात्मक लेख में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें लैंड बैंक को बंगाल में औद्योगिक पुनरुत्थान के उत्प्रेरक के रूप में बताया गया है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि GIS‑आधारित प्रणाली भूमि के स्वामित्व, बुनियादी ढाँचे की पहुँच और नियामक मंज़ूरी जैसी जानकारी को एक साथ दिखाएगी, जिससे ड्यू‑डिलिजेंस प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी होगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे औद्योगिक भूमि के आवंटन में समय की बचत होगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
यह कदम राज्य के विनिर्माण को पुनर्जीवित करने और नई निवेश प्रवाह को आकर्षित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जो हाल के धीमे विकास को उलटने की दिशा में है। भूमि‑सूचना को आसानी से उपलब्ध कराकर सरकार बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करना चाहती है।
इन विवरणों को NDTV के एक विश्लेषणात्मक लेख में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें लैंड बैंक को बंगाल में औद्योगिक पुनरुत्थान के उत्प्रेरक के रूप में बताया गया है।