📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / T. R. Shankar Raman
विज्ञान
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गिद्धों की आबादी दोगुनी, 388 गिद्ध 2026 में पंजीकृत
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 06 नव. 2026, 11:36 AM
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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गिद्धों की संख्या 2021 में 172 से बढ़कर मई 2026 में 388 हो गई, सात प्रजातियाँ पाई गईं।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, जो मध्य प्रदेश के केंद्रीय पठार में स्थित है, पंछी शिकारियों के लिए एक प्रमुख अभयारण्य बन गया है। हाल ही में प्रबंधन टीम द्वारा की गई वन्यजीव सर्वेक्षणों में क्षेत्र में गिद्धों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि पाई गई।
2021 में इस रिजर्व में 172 गिद्ध पंजीकृत थे। मई 2026 के एक सर्वेक्षण में यह संख्या बढ़कर 388 हो गई, जो पिछले छह वर्षों में दोगुने से अधिक है।
रिजर्व में अब सात अलग-अलग गिद्ध प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें भारतीय सफ़ेद‑पीठ वाला गिद्ध, भारतीय ग्रिफ़न और पतले चोंच वाला गिद्ध शामिल हैं। यह विविधता बांधवगढ़ को इन पक्षियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल के रूप में महत्व देती है।
संरक्षण कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह वृद्धि एंटी‑पोचिंग उपायों और आवास संरक्षण प्रयासों के सफल होने का संकेत है। निरंतर निगरानी से यह सुनिश्चित होगा कि गिद्धों की आबादी स्थिर रहे और रिजर्व एक स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का समर्थन करता रहे।
2021 में इस रिजर्व में 172 गिद्ध पंजीकृत थे। मई 2026 के एक सर्वेक्षण में यह संख्या बढ़कर 388 हो गई, जो पिछले छह वर्षों में दोगुने से अधिक है।
रिजर्व में अब सात अलग-अलग गिद्ध प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें भारतीय सफ़ेद‑पीठ वाला गिद्ध, भारतीय ग्रिफ़न और पतले चोंच वाला गिद्ध शामिल हैं। यह विविधता बांधवगढ़ को इन पक्षियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल के रूप में महत्व देती है।
संरक्षण कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह वृद्धि एंटी‑पोचिंग उपायों और आवास संरक्षण प्रयासों के सफल होने का संकेत है। निरंतर निगरानी से यह सुनिश्चित होगा कि गिद्धों की आबादी स्थिर रहे और रिजर्व एक स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का समर्थन करता रहे।