📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harshit.S.R
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उत्तarakhand हाई कोर्ट ने सार्वजनिक पार्कों का ऑडिट आदेश दिया, नौ महीने की समय सीमा तय
✍️ Indianmasterminds
🗓 06 नव. 2026, 01:39 AM
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उत्तarakhand हाई कोर्ट ने राज्य के सार्वजनिक पार्कों की सूची बनाने में देरी को उजागर किया और नौ महीने में पूरा करने के लिए व्यापक राज्यव्यापी कार्यवाही का आदेश दिया।
उत्तarakhand हाई कोर्ट ने देहरादून में सुनवाई के दौरान यह बताया कि राज्य सरकार ने सार्वजनिक पार्कों की वैधानिक सूची तैयार करने में देरी की है, जो उत्तराखंड वन एवं पर्यावरण अधिनियम के तहत अनिवार्य है। कोर्ट ने इस चूक को क़ानूनी दायित्व का उल्लंघन और शहरी हरित क्षेत्रों की योजना में बाधा बताया।
आदेश में विभागीय वन विभाग और शहरी विकास प्राधिकरण को राज्य भर के सभी सार्वजनिक पार्कों का समन्वित सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया है। इस सर्वेक्षण में प्रत्येक पार्क की कानूनी स्थिति, क्षेत्रफल, सुविधाएँ और रख‑रखाव मानकों की जाँच शामिल होगी।
कोर्ट ने समय सीमा निर्धारित की है और आदेश जारी करने की तिथि से नौ महीने के भीतर पूरी ऑडिट और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटाबेस तैयार करने का आदेश दिया है। अनुपालन न करने पर अदालत में अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है। यह निर्णय पारदर्शिता बढ़ाने, हरित क्षेत्रों तक समान पहुँच सुनिश्चित करने और भविष्य की शहरी योजना में सहायक होने की आशा रखता है।
राज्य के अधिकारियों ने आदेश को स्वीकार किया और सहयोग का आश्वासन दिया, यह कहा कि तुरंत एक कार्यबल गठित किया जाएगा ताकि यह कार्य शुरू किया जा सके। पर्यावरण संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया, इसे राज्य की प्राकृतिक संपदा के बेहतर संरक्षण और प्रबंधन की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना।
आदेश में विभागीय वन विभाग और शहरी विकास प्राधिकरण को राज्य भर के सभी सार्वजनिक पार्कों का समन्वित सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया है। इस सर्वेक्षण में प्रत्येक पार्क की कानूनी स्थिति, क्षेत्रफल, सुविधाएँ और रख‑रखाव मानकों की जाँच शामिल होगी।
कोर्ट ने समय सीमा निर्धारित की है और आदेश जारी करने की तिथि से नौ महीने के भीतर पूरी ऑडिट और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटाबेस तैयार करने का आदेश दिया है। अनुपालन न करने पर अदालत में अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है। यह निर्णय पारदर्शिता बढ़ाने, हरित क्षेत्रों तक समान पहुँच सुनिश्चित करने और भविष्य की शहरी योजना में सहायक होने की आशा रखता है।
राज्य के अधिकारियों ने आदेश को स्वीकार किया और सहयोग का आश्वासन दिया, यह कहा कि तुरंत एक कार्यबल गठित किया जाएगा ताकि यह कार्य शुरू किया जा सके। पर्यावरण संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया, इसे राज्य की प्राकृतिक संपदा के बेहतर संरक्षण और प्रबंधन की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना।