📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bhanunarayan20
राजनीति
बिहार: राज्यपाल के कार्यक्रम में जदयू के दो विधायक और निर्दलीय एमएलसी नदारद
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 06 नव. 2026, 09:37 PM
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सारण जिले के दो जदयू विधायक और एक निर्दलीय विधायक ने बनियापुर में राज्यपाल के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं खिंच गईं।
बिहार में राजनीतिक माहौल को देखते हुए सारण जिले के बनियापुर में आयोजित राज्यपाल के कार्यक्रम में जदयू के दो विधायकों की उपस्थिति का अभाव संवादों का विषय बन गया है। सूचना के अनुसार, विधायक रणधीर सिंह और मनोरंजन सिंह ने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया, जिससे स्थानीय राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगाई जाने लगीं।
इस घटना को और रोचक बनाते हुए, शिलापट्ट से निर्दलीय विधायक सच्चिदानंद राय भी कार्यक्रम में नजर नहीं आए। उल्लेखनीय है कि सच्चिदानंद राय का नाम अतिथि सूची में शामिल होने के बावजूद वे भी वहां मौजूद नहीं रहे। इन तीनों प्रमुख राजनेताओं की एक साथ गैरमौजूदगी ने स्थानीय राजनीति में नया मोड़ दर्ज करवा दिया है।
राज्यपाल के कार्यक्रम में इन विधायकों के न आने के पीछे के कारणों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना स्थानीय स्तर पर गठजोड़ों या राजनीतिक रुख में बदलाव के संकेतों को दर्शाती है।
वर्तमान में, सारण जिले के राजनीतिक दायरे में इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सभी पक्षों से इस संबंध में आगे की प्रतिक्रियाओं का इंतजार किया जा रहा है, जबकि स्थानीय जनता भी इस राजनीतिक घटनाक्रम को गंभीरता से देख रही है।
इस घटना को और रोचक बनाते हुए, शिलापट्ट से निर्दलीय विधायक सच्चिदानंद राय भी कार्यक्रम में नजर नहीं आए। उल्लेखनीय है कि सच्चिदानंद राय का नाम अतिथि सूची में शामिल होने के बावजूद वे भी वहां मौजूद नहीं रहे। इन तीनों प्रमुख राजनेताओं की एक साथ गैरमौजूदगी ने स्थानीय राजनीति में नया मोड़ दर्ज करवा दिया है।
राज्यपाल के कार्यक्रम में इन विधायकों के न आने के पीछे के कारणों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना स्थानीय स्तर पर गठजोड़ों या राजनीतिक रुख में बदलाव के संकेतों को दर्शाती है।
वर्तमान में, सारण जिले के राजनीतिक दायरे में इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सभी पक्षों से इस संबंध में आगे की प्रतिक्रियाओं का इंतजार किया जा रहा है, जबकि स्थानीय जनता भी इस राजनीतिक घटनाक्रम को गंभीरता से देख रही है।