📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Balajijagadesh
राजनीति
कोयंबटूर के ₹300 करोड़ पुस्तकालय में पुस्तकों को लेकर तमिलनाडु में राजनीतिक झगड़ा
✍️ Hindustan Times
🗓 08 नव. 2026, 02:37 AM
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कोयंबटूर के नए ₹300 करोड़ पुस्तकालय में पुस्तकों के चयन को लेकर टिवीके और डीएमके के बीच आरोप‑प्रत्यारोप का विवाद छिड़ गया है।
राज्य सरकार ने कोयंबटूर में एक आधुनिक सार्वजनिक पुस्तकालय का उद्घाटन किया है, जिसकी लागत लगभग ₹300 करोड़ अनुमानित है। यह सुविधा छात्रों, शोधकर्ताओं और आम जनता को विविध शैक्षणिक व साहित्यिक सामग्री प्रदान करने के लिए बनाई गई है।
उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद, पुस्तकालय में कुछ पुस्तकों के चयन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। तमिल वन्नियाम कच्ची (TVK) के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि शासक दल द्रविड़ मुन्नेत्रा कड़गम (DMK) ने सामग्री को सेंसर करने के लिए हस्तक्षेप किया, जबकि DMK ने कहा कि उन पुस्तकों में सामुदायिक मानदंडों का उल्लंघन था।
दोनों पक्षों ने जिला प्रशासन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और पुस्तकालय की अधिग्रहण नीति की पारदर्शी समीक्षा की मांग की है। यह विवाद नागरिक समाज के समूहों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जो चेतावनी देते हैं कि राजनीतिक हस्तक्षेप शैक्षिक मिशन को कमजोर कर सकता है।
यह मामला तमिलनाडु में सांस्कृतिक और शैक्षिक शासन पर चल रहे राजनीतिक तनावों को भी उजागर करता है, इसलिए इसे निकटता से देखा जा रहा है।
उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद, पुस्तकालय में कुछ पुस्तकों के चयन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। तमिल वन्नियाम कच्ची (TVK) के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि शासक दल द्रविड़ मुन्नेत्रा कड़गम (DMK) ने सामग्री को सेंसर करने के लिए हस्तक्षेप किया, जबकि DMK ने कहा कि उन पुस्तकों में सामुदायिक मानदंडों का उल्लंघन था।
दोनों पक्षों ने जिला प्रशासन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और पुस्तकालय की अधिग्रहण नीति की पारदर्शी समीक्षा की मांग की है। यह विवाद नागरिक समाज के समूहों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जो चेतावनी देते हैं कि राजनीतिक हस्तक्षेप शैक्षिक मिशन को कमजोर कर सकता है।
यह मामला तमिलनाडु में सांस्कृतिक और शैक्षिक शासन पर चल रहे राजनीतिक तनावों को भी उजागर करता है, इसलिए इसे निकटता से देखा जा रहा है।