📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Diliff
राजनीति
राजस्थान: सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता जागरूकता अभियान पर रोक रद्द की
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 02 नव. 2026, 04:36 PM
👁 3
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान मतदाता जागरूकता अभियान पर लगाए गए प्रतिबंध को रद्द कर दिया है और 48 घंटे के भीतर दोबारा विचार करने का निर्देश दिया है।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान में निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने राज्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा मतदाता जागरूकता अभियानों पर लगाए गए प्रतिबंध को रद्द कर दिया है। यह फैसला राजस्थान में चल रहे स्थानीय निकाय चुनावों को प्रभावित करता है।
सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि वह किसी सामाजिक संगठन द्वारा दायर किए गए आवेदन पर 48 घंटे के भीतर दोबारा विचार करे। इस न्यायिक आदेश के माध्यम से ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों पर लगाया गया प्रशासनिक प्रतिबंध हटा दिया गया है।
यह हस्तक्षेप न्यायपालिका की भूमिका को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य निर्वाचन अवधि के दौरान नागरिकों के सूचना प्राप्त करने के मूल अधिकार और मतदाता शिक्षा को अनावश्यक रूप से सीमित करने से रोकना है। अदालत का यह निर्देश नियामक निगरानी और नागरिकों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए है।
राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों के शेष चरणों के संचालन पर इस घटनाक्रम का असर पड़ने की संभावना है, जिससे नागरिक समाज के समूहों को मतदाताओं से जुड़ने के लिए नए प्रयास करने का अवसर मिल सकता है।
सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि वह किसी सामाजिक संगठन द्वारा दायर किए गए आवेदन पर 48 घंटे के भीतर दोबारा विचार करे। इस न्यायिक आदेश के माध्यम से ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों पर लगाया गया प्रशासनिक प्रतिबंध हटा दिया गया है।
यह हस्तक्षेप न्यायपालिका की भूमिका को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य निर्वाचन अवधि के दौरान नागरिकों के सूचना प्राप्त करने के मूल अधिकार और मतदाता शिक्षा को अनावश्यक रूप से सीमित करने से रोकना है। अदालत का यह निर्देश नियामक निगरानी और नागरिकों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए है।
राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों के शेष चरणों के संचालन पर इस घटनाक्रम का असर पड़ने की संभावना है, जिससे नागरिक समाज के समूहों को मतदाताओं से जुड़ने के लिए नए प्रयास करने का अवसर मिल सकता है।