📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ricardo Stuckert/PR
राजनीति
सोनिया गांधी: आपराधिक काल में लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक
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🗓 07 नव. 2026, 12:44 PM
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आपराधिक काल को एक ऐसा अध्याय बताया जहाँ लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक लगाई गई थी, जिससे इसकी अधिनायकवादी प्रकृति स्वीकार की गई।
हाल ही में एक साक्षात्कार में, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भारतीय इतिहास के आपराधिक काल (Emergency) पर अपनी राय रखी। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस काल को लोकतंत्र-विरोधी और अधिनायकवादी अध्याय माना जा सकता है, तो उन्होंने इस बात से सहमति जताई।
सोनिया गांधी ने कहा कि इस दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों को वास्तव में सीमित कर दिया गया था। उनके इन शब्दों से पता चलता है कि उस विशिष्ट अवधि में नागरिक स्वतंत्रताओं की स्थिरता के संबंध में पार्टी की आधिकारिक स्थिति क्या है।
इस चर्चा का केंद्र बिंदु आपराधिक काल का ऐतिहासिक संदर्भ और मूल अधिकारों पर इसका प्रभाव था। अधिकारों के सीमित होने की बात स्वीकार करके, कांग्रेस नेता ने उस समय के शासन स्वरूप पर एक स्पष्ट दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
यह बयान आपराधिक काल के इर्द-गिर्द चल रही ऐतिहासिक चर्चा में जुड़ता है, जिसमें उस समय लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर लगाई गई रोकों पर जोर दिया गया है।
सोनिया गांधी ने कहा कि इस दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों को वास्तव में सीमित कर दिया गया था। उनके इन शब्दों से पता चलता है कि उस विशिष्ट अवधि में नागरिक स्वतंत्रताओं की स्थिरता के संबंध में पार्टी की आधिकारिक स्थिति क्या है।
इस चर्चा का केंद्र बिंदु आपराधिक काल का ऐतिहासिक संदर्भ और मूल अधिकारों पर इसका प्रभाव था। अधिकारों के सीमित होने की बात स्वीकार करके, कांग्रेस नेता ने उस समय के शासन स्वरूप पर एक स्पष्ट दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
यह बयान आपराधिक काल के इर्द-गिर्द चल रही ऐतिहासिक चर्चा में जुड़ता है, जिसमें उस समय लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर लगाई गई रोकों पर जोर दिया गया है।