🔥 ट्रेंडिंग जाजपुर में भयंकर आग में चार परिवार के... पश्चिम बंगाल के सीएम करेंगे बीएसएफ जवा... केरलम से वंतरा भेजा गया हाथी का बच्चा,... अयोध्या के 56 घाटों पर जले 36 लाख दीये... कक्षा X के छात्रों को दूसरा मौका देने... ट्रंप ने डाना व्हाइट को प्रेस सचिव बनन...
08 नव. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
सोनिया गांधी ने इंदिरा गांधी का बचाव किया आपातकाल में, मोदी सरकार पर आरोप
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ricardo Stuckert/PR
राजनीति

सोनिया गांधी ने इंदिरा गांधी का बचाव किया आपातकाल में, मोदी सरकार पर आरोप

✍️ Amar Ujala 🗓 07 नव. 2026, 12:51 PM 👁 3
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

सोनिया गांधी ने इंदिरा गांधी के आपातकालीन निर्णयों का संविधानिक आधार बताते हुए बचाव किया, जिससे मोदी सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थानों को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगा।

1975‑77 के आपातकाल के दौरान, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने नागरिक स्वतंत्रताओं को निलंबित किया और सेंसरशिप लागू की, जिसे आंतरिक अव्यवस्था से निपटने के लिए आवश्यक कदम कहा गया। यह कदम भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का विवादास्पद अध्याय बना हुआ है।

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हाल ही में कहा कि इंदिरा गांधी के निर्णय संविधानिक सीमाओं के भीतर थे। उन्होंने तर्क दिया कि आपातकाल कार्यकारी शक्ति का वैध प्रयोग था और राष्ट्रीय स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया निर्णय था।

उनके इस बयान पर विपक्षी दलों और मानवाधिकार संगठनों ने आलोचना की, यह दावा करते हुए कि मोदी सरकार समान तरह के अधिनायकवादी रुख को दोहरा रही है। उनका कहना है कि वर्तमान प्रशासन की नीतियाँ न्यायपालिका और प्रेस की स्वतंत्रता को खतरे में डाल रही हैं।

राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि सोनिया गांधी के इस बयान से सुरक्षा और नागरिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन पर बहस तेज हो सकती है, और इससे आगामी चुनावी गतिशीलता पर भी असर पड़ सकता है।
📲Get App