📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kulwinder guruharsahai
राजनीति
सिरसा ने पंजाब एएपी पर धान के खेतों में जलती धुंध को छुपाने का आरोप लगाया
✍️ India Today
🗓 03 नव. 2026, 01:39 PM
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एक वरिष्ठ राजनेता सिरसा ने कहा कि पंजाब एएपी धान के खेतों में जलते अवशेषों को छुपा रहा है, जिससे नया राजनीतिक विवाद छिड़ गया।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को विरोधियों ने राजधानी के खिलाफ बदला लेने की कोशिश में बताया है, जैसा कि सिरसा ने अपने बयान में कहा। उन्होंने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी (एएपी) धान के खेतों में जल रहे अवशेषों की वास्तविक संख्या को छुपा रही है।
सिरसा ने कहा कि इस तरह की छुपाव न केवल पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि जलवायु‑संबंधी मुद्दों पर सरकार की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने पंजाब एएपी नेतृत्व से अनुरोध किया कि वे जलते हुए खेतों की संख्या, प्रभावित क्षेत्र और रोकथाम के उपायों के बारे में पारदर्शी डेटा प्रदान करें।
यह आरोप कृषि जलाने की बढ़ती जांच के बीच आया है, जिससे उत्तर भारत में पोस्ट‑हार्वेस्ट मौसम में वायु प्रदूषण में तीव्र वृद्धि होती है। पंजाब सरकार के अधिकारियों ने अभी तक इस आरोप पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, और यह मुद्दा आगामी पार्टी बैठकों में चर्चा का विषय बन सकता है।
पर्यावरण संगठनों ने पहले भी चेतावनी दी है कि धान जलाने से हानिकारक कण निकलते हैं, जो दिल्ली और आसपास के राज्यों में स्वास्थ्य जोखिम बढ़ाते हैं। वर्तमान विवाद ने इस पर्यावरणीय चुनौती में एक राजनीतिक आयाम जोड़ दिया है।
अब तक एएपी पंजाब इकाई से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं मिली है, और फसल कटाई के मौसम के साथ यह मुद्दा सार्वजनिक चर्चा में बना रहेगा।
सिरसा ने कहा कि इस तरह की छुपाव न केवल पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि जलवायु‑संबंधी मुद्दों पर सरकार की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने पंजाब एएपी नेतृत्व से अनुरोध किया कि वे जलते हुए खेतों की संख्या, प्रभावित क्षेत्र और रोकथाम के उपायों के बारे में पारदर्शी डेटा प्रदान करें।
यह आरोप कृषि जलाने की बढ़ती जांच के बीच आया है, जिससे उत्तर भारत में पोस्ट‑हार्वेस्ट मौसम में वायु प्रदूषण में तीव्र वृद्धि होती है। पंजाब सरकार के अधिकारियों ने अभी तक इस आरोप पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, और यह मुद्दा आगामी पार्टी बैठकों में चर्चा का विषय बन सकता है।
पर्यावरण संगठनों ने पहले भी चेतावनी दी है कि धान जलाने से हानिकारक कण निकलते हैं, जो दिल्ली और आसपास के राज्यों में स्वास्थ्य जोखिम बढ़ाते हैं। वर्तमान विवाद ने इस पर्यावरणीय चुनौती में एक राजनीतिक आयाम जोड़ दिया है।
अब तक एएपी पंजाब इकाई से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं मिली है, और फसल कटाई के मौसम के साथ यह मुद्दा सार्वजनिक चर्चा में बना रहेगा।