📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TrendSPLEND
अपराध
राजस्थान हाई कोर्ट ने पत्नी के निजी डेटा के लिए RTI, झूठे आरोप, एटीएम से जबरन पैसे निकालने को मानसिक क्रूरता माना
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 02 नव. 2026, 09:36 AM
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राजस्थान हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि पति द्वारा पत्नी के निजी डेटा के लिए RTI, सहकर्मियों पर झूठे आरोप और एटीएम से जबरन पैसे निकालने के कार्य मानसिक क्रूरता के अंतर्गत आते हैं।
राजस्थान हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि पति द्वारा पत्नी के निजी डेटा के लिए RTI, सहकर्मियों पर झूठे आरोप और एटीएम से जबरन पैसे निकालने के कार्य मानसिक क्रूरता के अंतर्गत आते हैं।
अदालत ने बताया कि पति ने पत्नी के व्यक्तिगत जीवन के विवरण के लिए RTI दायर की और सहकर्मियों के अवैध संबंधों के झूठे आरोप लगाए।
इसके अलावा, पति ने पत्नी को अपनी एटीएम कार्ड से बिना अनुमति के पैसे निकालने के लिए मजबूर किया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
इस निर्णय से स्पष्ट होता है कि इस तरह का व्यवहार मानसिक क्रूरता के रूप में दंडनीय है, और अदालत इसके अनुसार दंड लगा सकती है।
अदालत ने बताया कि पति ने पत्नी के व्यक्तिगत जीवन के विवरण के लिए RTI दायर की और सहकर्मियों के अवैध संबंधों के झूठे आरोप लगाए।
इसके अलावा, पति ने पत्नी को अपनी एटीएम कार्ड से बिना अनुमति के पैसे निकालने के लिए मजबूर किया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
इस निर्णय से स्पष्ट होता है कि इस तरह का व्यवहार मानसिक क्रूरता के रूप में दंडनीय है, और अदालत इसके अनुसार दंड लगा सकती है।