📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Stalinjeet
कृषि
पंजाब के फज़िल्का में जलजमाव से फसल अवशेष प्रबंधन में बाधा
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🗓 05 नव. 2026, 07:53 PM
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फज़िल्का में जलस्तर के बढ़ने से ट्रैक्टर‑बैलर फँस गए, किसान सीएक्यूएम टीम को बता रहे हैं कि पारंपरिक फसल‑अवशेष प्रबंधन अब कई गाँवों में संभव नहीं है।
पंजाब के फज़िल्का जिले में जलस्तर सतह के निकट पहुँच गया है, जिससे धान के खेतों में जलजमाव हो गया है। इस कारण कई ट्रैक्टर और बैलर गीले मिट्टी में फँस गए हैं, जिससे फसल कटाई के बाद की कार्यवाही बाधित हो रही है।
सीएक्यूएम (केंद्रीय कृषि गुणवत्ता प्रबंधन) टीम से मिले किसानों ने बताया कि वर्तमान जलजमाव की स्थिति में पारंपरिक फसल‑अवशेष प्रबंधन, जैसे बैलिंग और हटाना, कई गाँवों में व्यावहारिक नहीं है। उपकरणों को सुरक्षित व कुशल रूप से चलाना असंभव हो गया है।
इस बाधा के चलते सरकार के धान के अवशेष को जलाने से रोकने वाले नियमों का पालन करना कठिन हो रहा है। अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि वे गीले मौसम के अनुकूल नई तकनीक या समय‑समायोजन पर विचार करें, ताकि पर्यावरणीय प्रभाव को कम किया जा सके।
सीएक्यूएम (केंद्रीय कृषि गुणवत्ता प्रबंधन) टीम से मिले किसानों ने बताया कि वर्तमान जलजमाव की स्थिति में पारंपरिक फसल‑अवशेष प्रबंधन, जैसे बैलिंग और हटाना, कई गाँवों में व्यावहारिक नहीं है। उपकरणों को सुरक्षित व कुशल रूप से चलाना असंभव हो गया है।
इस बाधा के चलते सरकार के धान के अवशेष को जलाने से रोकने वाले नियमों का पालन करना कठिन हो रहा है। अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि वे गीले मौसम के अनुकूल नई तकनीक या समय‑समायोजन पर विचार करें, ताकि पर्यावरणीय प्रभाव को कम किया जा सके।