📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
अपराध
पंजाब के गैंगस्टर गुरविंदर ‘अफरीदी’ को इथियोपिया से निर्वासित, 10 महीने की तलाशी के बाद, 5 लाख रुपये इनाम
✍️ TOI India
🗓 08 नव. 2026, 09:43 AM
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दस महीने की अंतरराष्ट्रीय तलाशी के बाद, पंजाब के गैंगस्टर गुरविंदर ‘अफरीदी’ को इथियोपिया से निर्वासित किया गया, जानकारी देने पर 5 लाख रुपये इनाम की घोषणा की गई।
पंजाब पुलिस ने पुष्टि की कि गुरविंदर, जिन्हें अफरीदी के नाम से जाना जाता है, को इथियोपिया के अधिकारियों ने मंगलवार को भारत के प्रतिनिधियों को सौंप दिया, जिससे दस महीने की तलाशी समाप्त हुई। यह तलाशी इंटर्पोल और स्थानीय पुलिस एजेंसियों के समन्वय से चल रही थी, जिसमें अफरीदी ने कई अफ्रीकी देशों में घुमते हुए एडीस अबाबा में पकड़े जाने तक बचाव किया।
भारतीय सरकार ने किसी भी विश्वसनीय जानकारी के लिए 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जिससे अंततः उसकी स्थिति का पता चल सका। इस इनाम ने महत्वपूर्ण सुराग प्रदान करने में मदद की, जिससे अफरीदी को इथियोपिया में ढूँढ़ा गया।
निर्वासन के बाद गुरविंदर को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया, जहाँ वह जबरन वसूली और संगठित अपराध सहित कई मामलों में मुकदमे का सामना करेंगे। पंजाब के गृह मंत्री ने दो देशों के बीच सहयोग की सराहना की और इसे फ्यूजिटिव्स को न्याय के कटघरे में लाने की भारत की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
क़ानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व को उजागर करता है, खासकर जब भारतीय गैंगस्टर विदेश में शरण लेते हैं। इस निर्वासन से अन्य फ्यूजिटिव्स को यह संदेश मिलता है कि भारत सीमा पार भी उन्हें पकड़ने के लिए तत्पर है।
पुलिस ने आगे की अदालत की कार्यवाही के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी, पर उन्होंने कहा कि मामला मौजूदा कानूनी ढांचे के तहत शीघ्रता से निपटाया जाएगा।
भारतीय सरकार ने किसी भी विश्वसनीय जानकारी के लिए 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जिससे अंततः उसकी स्थिति का पता चल सका। इस इनाम ने महत्वपूर्ण सुराग प्रदान करने में मदद की, जिससे अफरीदी को इथियोपिया में ढूँढ़ा गया।
निर्वासन के बाद गुरविंदर को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया, जहाँ वह जबरन वसूली और संगठित अपराध सहित कई मामलों में मुकदमे का सामना करेंगे। पंजाब के गृह मंत्री ने दो देशों के बीच सहयोग की सराहना की और इसे फ्यूजिटिव्स को न्याय के कटघरे में लाने की भारत की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
क़ानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व को उजागर करता है, खासकर जब भारतीय गैंगस्टर विदेश में शरण लेते हैं। इस निर्वासन से अन्य फ्यूजिटिव्स को यह संदेश मिलता है कि भारत सीमा पार भी उन्हें पकड़ने के लिए तत्पर है।
पुलिस ने आगे की अदालत की कार्यवाही के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी, पर उन्होंने कहा कि मामला मौजूदा कानूनी ढांचे के तहत शीघ्रता से निपटाया जाएगा।