📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Raakesh Blokhra
स्थानीय
पंजाब: अक्टूबर में यह शहर रहा सबसे प्रदूषित, चंडीगढ़ की हवा साफ, इन शहरों में NCP
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 08 नव. 2026, 08:37 AM
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हाल के रिपोर्ट में पंजाब के उस शहर को अक्टूबर में सबसे अधिक प्रदूषित बताया गया है, जहाँ पराली जलाने, औद्योगिक गतिविधियों और वाहनों के धुएँ ने हवा की गुणवत्ता को प्रभावित किया, जबकि चंडीगढ़ में हवा साफ रही और कुछ शहरों में NCP लागू किया गया।
पंजाब में अक्टूबर के दौरान हवा की गुणवत्ता पर गंभीर प्रभाव पड़ा, जिसमें राज्य का एक विशिष्ट शहर सबसे अधिक प्रदूषित शहर के रूप में सामने आया। इस क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता में गिरावट का मुख्य कारण खेती की पराली जलाना रहा, जो इस मौसम में एक आम प्रथा है।
कृषि कारकों के अलावा, औद्योगिक गतिविधियों और वाहनों से निकलने वाले धुएँ ने प्रभावित क्षेत्रों में खराब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में योगदान दिया। इन संयुक्त स्रोतों ने निवासियों के लिए एक हानिकारिक वातावरण बनाया, जिसके कारण अधिकारियों ने स्थिति की नज़रबंदी बढ़ाई।
इसके विपरीत, चंडीगढ़ में क्षेत्र के अन्य हिस्सों की तुलना में अपेक्षाकृत साफ हवा दर्ज की गई। राजधानी और अन्य शहरों के बीच हवा की गुणवत्ता में यह अंतर स्थानीय औद्योगिक और कृषि प्रथाओं के विभिन्न प्रभावों को उजागर करता है।
उच्च प्रदूषण स्तर से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए, राज्य के विशिष्ट शहरों में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCP) को लागू किया गया। इन उपायों के प्रवर्तन का उद्देश्य निर्धारित क्षेत्रों में कणिक पदार्थों (particulate matter) को कम करना और समग्र हवा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
कृषि कारकों के अलावा, औद्योगिक गतिविधियों और वाहनों से निकलने वाले धुएँ ने प्रभावित क्षेत्रों में खराब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में योगदान दिया। इन संयुक्त स्रोतों ने निवासियों के लिए एक हानिकारिक वातावरण बनाया, जिसके कारण अधिकारियों ने स्थिति की नज़रबंदी बढ़ाई।
इसके विपरीत, चंडीगढ़ में क्षेत्र के अन्य हिस्सों की तुलना में अपेक्षाकृत साफ हवा दर्ज की गई। राजधानी और अन्य शहरों के बीच हवा की गुणवत्ता में यह अंतर स्थानीय औद्योगिक और कृषि प्रथाओं के विभिन्न प्रभावों को उजागर करता है।
उच्च प्रदूषण स्तर से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए, राज्य के विशिष्ट शहरों में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCP) को लागू किया गया। इन उपायों के प्रवर्तन का उद्देश्य निर्धारित क्षेत्रों में कणिक पदार्थों (particulate matter) को कम करना और समग्र हवा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।