📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Stalinjeet Brar
अपराध
श्रीगंगानगर में 1.23 करोड़ रुपये मूल्य का नकली घी 17,868 लीटर जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 03 नव. 2026, 09:36 AM
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‘शुद्ध आहार‑मिलावट पर वार’ अभियान के तहत राजस्थान पुलिस, जयपुर सीआईडी और जिला विशेष टीम ने श्रीगंगानगर के कई ठिकानों पर छापेमारी कर 17,868 लीटर नकली घी, लगभग 1.23 करोड़ रुपये मूल्य का, जब्त किया और तीन आरोपियों को हिरासत में लिया।
राजस्थान पुलिस, जयपुर सीआईडी और जिला विशेष टीम ने ‘शुद्ध आहार‑मिलावट पर वार’ अभियान के अंतर्गत श्रीगंगानगर के लगभग आधा दर्जन स्थानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान 17,868 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया गया, जिसे नकली और असुरक्षित बताया गया है।
जप्त किए गए घी की कीमत का अनुमान लगभग 1.23 करोड़ रुपये लगाया गया है। इस स्टॉक की गुणवत्ता और मिलावट की पुष्टि करने के लिए खाद्य‑सुरक्षा प्रयोगशालाओं में परीक्षण किया जाएगा, जिससे आगे की कानूनी कार्रवाई को आधार मिलेगा।
छापेमारी के दौरान तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें घी के निर्माण‑वितरण नेटवर्क से जोड़ा गया है। वर्तमान में उन्हें पूछताछ के तहत रखा गया है और जांच के विस्तार के साथ अतिरिक्त गिरफ्तारी की संभावना जताई गई है।
यह कार्रवाई खाद्य‑मिलावट के खिलाफ राज्य की कड़ी नीति को दर्शाती है, विशेषकर सीमा क्षेत्रों में जहाँ अवैध व्यापार के रास्ते अधिक होते हैं। उपभोक्ताओं को सतर्क रहने और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आह्वान किया गया है।
जप्त किया गया घी सबूत के तौर पर सुरक्षित रखा जाएगा और मामला जिला न्यायालय में फूड एडुल्टरशन एक्ट तथा संबंधित कानूनों के तहत दायर किया जाएगा।
जप्त किए गए घी की कीमत का अनुमान लगभग 1.23 करोड़ रुपये लगाया गया है। इस स्टॉक की गुणवत्ता और मिलावट की पुष्टि करने के लिए खाद्य‑सुरक्षा प्रयोगशालाओं में परीक्षण किया जाएगा, जिससे आगे की कानूनी कार्रवाई को आधार मिलेगा।
छापेमारी के दौरान तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें घी के निर्माण‑वितरण नेटवर्क से जोड़ा गया है। वर्तमान में उन्हें पूछताछ के तहत रखा गया है और जांच के विस्तार के साथ अतिरिक्त गिरफ्तारी की संभावना जताई गई है।
यह कार्रवाई खाद्य‑मिलावट के खिलाफ राज्य की कड़ी नीति को दर्शाती है, विशेषकर सीमा क्षेत्रों में जहाँ अवैध व्यापार के रास्ते अधिक होते हैं। उपभोक्ताओं को सतर्क रहने और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आह्वान किया गया है।
जप्त किया गया घी सबूत के तौर पर सुरक्षित रखा जाएगा और मामला जिला न्यायालय में फूड एडुल्टरशन एक्ट तथा संबंधित कानूनों के तहत दायर किया जाएगा।