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08 नव. 2026•
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राजीव रंजन सिंह के प्रस्ताव पर विरोध: वोटर आईडी‑सेवाओं से बहिष्करण का खतरा
📷 चित्र स्रोत: The Hindu (via NewsData)
राजनीति

राजीव रंजन सिंह के प्रस्ताव पर विरोध: वोटर आईडी‑सेवाओं से बहिष्करण का खतरा

✍️ The Hindu 🗓 07 नव. 2026, 12:57 PM 👁 2
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विरोधी दलों का कहना है कि वोटर आईडी को कल्याण योजनाओं से जोड़ने का प्रस्ताव, विशेष तीव्र पुनरावलोकन में 13.5 करोड़ नाम हटने के बाद बहिष्करण को और बढ़ा सकता है।

वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह ने एक प्रस्ताव रखा है कि कल्याण योजनाओं के लाभ के लिए वैध वोटर आईडी अनिवार्य होनी चाहिए। इस कदम से चुनावी सूची को सत्यापन के साधन के रूप में उपयोग करके योजना वितरण को सुगम बनाने का उद्देश्य है।

विरोधी दलों ने इस प्रस्ताव को हालिया विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) से जोड़ते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में लगभग 13.5 करोड़ नाम हटाए गए। उनका तर्क है कि यदि कल्याण लाभ वोटर आईडी से बंधे रहेंगे तो हटाए गए नामधारकों को इन सेवाओं से बाहर किया जा सकता है।

आलोचक चेतावनी देते हैं कि यह कदम मौजूदा बहिष्करण को और गहरा कर सकता है, विशेषकर प्रवासी कामगारों और हाशिए पर रहने वाले वर्गों के लिए, जो SIR से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। संसद में इस मुद्दे पर कानूनी और सामाजिक प्रभावों की चर्चा तेज़ी से बढ़ने की संभावना है।
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