📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
राजनीति
एमपी हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता कार्यालय में अधिवक्ताओं की नियुक्तियों पर मांगा मूल रिकॉर्ड
✍️ Amar Ujala · Jabalpur
🗓 04 नव. 2026, 03:36 AM
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति को लेकर दायर याचिका पर सरकार से मूल रिकॉर्ड जमा करने का निर्देश दिया है। याचिका में नियमों की अनदेखी और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया गया है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता कार्यालय में शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्तियों से जुड़े विवाद में हस्तक्षेप किया है। अदालत ने राज्य सरकार को इन नियुक्तियों से संबंधित मूल रिकॉर्ड जमा करने का निर्देश दिया है ताकि प्रक्रिया की वैधता की जांच की जा सके।
हाईकोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि ये नियुक्तियां निर्धारित सेवा नियमों के विरुद्ध की गई हैं। याचिकाकर्ता ने विशेष रूप से उल्लेख किया है कि कई मामलों में 10 वर्ष की पूर्व प्रैक्टिस की अनिवार्य शर्त का पालन नहीं किया गया।
इसके अलावा, याचिका में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की गंभीर कमी का भी आरोप लगाया गया है। अब हाईकोर्ट सरकार द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच करेगा कि क्या ये नियुक्तियां कानून के अनुरूप हैं।
यह न्यायिक हस्तक्षेप शासकीय कानूनी सलाहकारों की नियुक्ति प्रक्रिया की अखंडता को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे सुनिश्चित किया जा सके कि केवल योग्य और अनुभवी उम्मीदवार ही इन पदों पर नियुक्त हों। सरकार द्वारा मांगे गए फाइलों के जमा होने के बाद इस मामले में आगे की सुनवाई की उम्मीद है।
यह मामला राज्य प्रशासन में कानूनी पेशेवरों की नियुक्ति में सेवा नियमों के सख्त पालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
हाईकोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि ये नियुक्तियां निर्धारित सेवा नियमों के विरुद्ध की गई हैं। याचिकाकर्ता ने विशेष रूप से उल्लेख किया है कि कई मामलों में 10 वर्ष की पूर्व प्रैक्टिस की अनिवार्य शर्त का पालन नहीं किया गया।
इसके अलावा, याचिका में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की गंभीर कमी का भी आरोप लगाया गया है। अब हाईकोर्ट सरकार द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच करेगा कि क्या ये नियुक्तियां कानून के अनुरूप हैं।
यह न्यायिक हस्तक्षेप शासकीय कानूनी सलाहकारों की नियुक्ति प्रक्रिया की अखंडता को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे सुनिश्चित किया जा सके कि केवल योग्य और अनुभवी उम्मीदवार ही इन पदों पर नियुक्त हों। सरकार द्वारा मांगे गए फाइलों के जमा होने के बाद इस मामले में आगे की सुनवाई की उम्मीद है।
यह मामला राज्य प्रशासन में कानूनी पेशेवरों की नियुक्ति में सेवा नियमों के सख्त पालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है।