📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Biswarup Ganguly
राजनीति
अभिषेक बनर्जी के घर पर हमले का आरोप: ममता बनर्जी ने भाजपा पर लगाया निशाना
✍️ Amar Ujala
🗓 07 नव. 2026, 02:43 PM
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने पुत्र अभिषेक बनर्जी के घर पर हुए संदिग्ध हमले के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराया है।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पुत्र अभिषेक बनर्जी के निवास पर हुए संदिग्ध हमले के आरोप लगाए गए हैं। इस घटना पर राजनीतिक नेताओं ने तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस ने विपक्षी दल पर कड़ी आलोचना की है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित घर पर हुए इस संदिग्ध हिंसा के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सीधे जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने इस घटना को विपक्ष की एक व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया, जिसका उद्देश्य शासक परिवार को निशाना बनाना और अस्थिरता फैलाना है। मुख्यमंत्री की ये टिप्पणियां राज्य में राजनीतिक वातावरण को और अधिक ध्रुवीकृत कर रही हैं।
भाजपा नेता दिलीप घोष ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें खारिज किया और ऐसे आरोपों के पीछे की प्रेरणा पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस आरोप का समय संदिग्ध है, जिससे यह संकेत दिया गया कि शासक दल वास्तविक सुरक्षा चिंताओं को संबोधित करने के बजाय इस घटना का राजनीतिक लाभ उठा रहा है। घोष की टिप्पणियों से राज्य के दो प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच गहरी दरार स्पष्ट होती है।
यह घटना पश्चिम बंगाल में चल रही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में एक नया मोड़ साबित हो रही है। हालांकि प्रारंभिक रिपोर्टों में पुलिस रिपोर्ट के विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं थे, लेकिन तृणमूल और भाजपा नेताओं के बीच इस तरह की बहस से यह संकेत मिलता है कि क्षेत्र में राजनीतिक संवेदनशीलता के एक नए दौर की शुरुआत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित घर पर हुए इस संदिग्ध हिंसा के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सीधे जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने इस घटना को विपक्ष की एक व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया, जिसका उद्देश्य शासक परिवार को निशाना बनाना और अस्थिरता फैलाना है। मुख्यमंत्री की ये टिप्पणियां राज्य में राजनीतिक वातावरण को और अधिक ध्रुवीकृत कर रही हैं।
भाजपा नेता दिलीप घोष ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें खारिज किया और ऐसे आरोपों के पीछे की प्रेरणा पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस आरोप का समय संदिग्ध है, जिससे यह संकेत दिया गया कि शासक दल वास्तविक सुरक्षा चिंताओं को संबोधित करने के बजाय इस घटना का राजनीतिक लाभ उठा रहा है। घोष की टिप्पणियों से राज्य के दो प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच गहरी दरार स्पष्ट होती है।
यह घटना पश्चिम बंगाल में चल रही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में एक नया मोड़ साबित हो रही है। हालांकि प्रारंभिक रिपोर्टों में पुलिस रिपोर्ट के विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं थे, लेकिन तृणमूल और भाजपा नेताओं के बीच इस तरह की बहस से यह संकेत मिलता है कि क्षेत्र में राजनीतिक संवेदनशीलता के एक नए दौर की शुरुआत हो चुकी है।