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08 नव. 2026•
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हिमालय में निर्माण उद्योग से 3 लाख लोगों को आपदा का खतरा
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vyacheslav Argenberg
देश

हिमालय में निर्माण उद्योग से 3 लाख लोगों को आपदा का खतरा

✍️ BBC 🗓 29 अक्टू. 2026, 05:36 AM 👁 5
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बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, हिमालय में तेजी से बढ़ता निर्माण उद्योग 3 लाख लोगों को संभावित प्राकृतिक आपदाओं के खतरे में डाल रहा है।

बीबीसी की एक ताज़ा रिपोर्ट ने हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते खतरों पर प्रकाश डाला है। निर्माण उद्योग की तेजी से बढ़ती गति ने लगभग 3 लाख लोगों को संभावित प्राकृतिक आपदाओं के सीधे खतरे में डाल दिया है। यह निर्माण गतिविधियों का उछाल भू-वैज्ञानिक खतरों के प्रति लोगों की कमजोरी को और बढ़ा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, बुनियादी ढांचे के विकास में यह तेज़ी केवल एक आर्थिक रुझान नहीं, बल्कि एक गंभीर जोखिम कारक है। जबकि नाजुक पहाड़ी इलाकों में अधिक संरचनाएँ खड़ी की जा रही हैं, वहाँ रहने वाले लोग भूस्खलन और अन्य भूकंपीय घटनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील हो गए हैं। अस्थिर ढलानों के पास आवासीय और वाणिज्यिक इमारतों का केंद्रित होना खतरों को और बढ़ा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि विकास की वर्तमान गति इन क्षेत्रों में पर्याप्त आपदा तैयारी की क्षमता से आगे निकल गई है। उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में लोगों का केंद्रित होना इस बात का संकेत है कि एक भी विनाशकारी घटना जीवन और संपत्ति दोनों के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है। यह स्थिति हिमालय में कठोर निर्माण मानकों और बेहतर शहरी नियोजन की अत्यंत आवश्यकता को रेखांकित करती है।

बीबीसी का विश्लेषण नीति निर्माताओं और शहरी नियोजकों के लिए एक चेतावनी है। यह आर्थिक विकास को जनता की सुरक्षा के खर्चे पर नहीं लाने के लिए निर्माण प्रथाओं का पुनर्मूल्यांकन करने की अपील करता है। इस निर्माण उछाल से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए तत्कार कार्रवाई की आवश्यकता है।
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