📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shivanjan
राजनीति
किशौ बांध पर 'कठोर' रुख ने BBMB बकाया मामले में जीत दिलाई: हिमाचल CM
✍️ The Hindu
🗓 08 नव. 2026, 03:38 PM
👁 3
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि किशौ बांध परियोजना पर राज्य के कठोर रुख ने ही महि-बेतवा नियंत्रण बोर्ड (BBMB) के बकाया राशि के विवाद में अनुकूल परिणाम दिलाया।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने BBMB बकाया केस में राज्य की हालिया विजय का श्रेय किशौ बांध परियोजना पर अपनाए गए अटूट रुख को दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने इस परियोजना की शर्तों पर समझौता नहीं किया, जिसने अनुकूल फैसले के लिए ज़मीन तैयार की।
यह विवाद महि-बेतवा इंटरलिंकिंग परियोजना से जुड़े वित्तीय बकायों के इर्द-गिर्द था, जिसमें विशेष रूप से किशौ बांध घटक शामिल था। राज्य सरकार ने बातचीत और कानूनी प्रक्रियाओं के दौरान 'कठोर' रुख अपनाया, जिसमें राज्य के अधिकारों और हितों की रक्षा की गई।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह लगातार और दृढ़ दृष्टिकोण राज्य के दावों को कमज़ोर होने से रोकने में सफल रहा और अंततः हिमाचल प्रदेश के पक्ष में समाधान दिलाया। यह जीत राज्य के जल संसाधनों और बुनियादी ढांचे की योजनाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री की टिप्पणी ने अंतर-राज्यीय जल साझीदारी और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में रणनीतिक बातचीत के महत्व को रेखांकित किया है, जो भविष्य में केंद्रीय एजेंसियों और अन्य राज्यों के साथ बातचीत के लिए एक मिसाल पेश करता है।
यह विवाद महि-बेतवा इंटरलिंकिंग परियोजना से जुड़े वित्तीय बकायों के इर्द-गिर्द था, जिसमें विशेष रूप से किशौ बांध घटक शामिल था। राज्य सरकार ने बातचीत और कानूनी प्रक्रियाओं के दौरान 'कठोर' रुख अपनाया, जिसमें राज्य के अधिकारों और हितों की रक्षा की गई।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह लगातार और दृढ़ दृष्टिकोण राज्य के दावों को कमज़ोर होने से रोकने में सफल रहा और अंततः हिमाचल प्रदेश के पक्ष में समाधान दिलाया। यह जीत राज्य के जल संसाधनों और बुनियादी ढांचे की योजनाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री की टिप्पणी ने अंतर-राज्यीय जल साझीदारी और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में रणनीतिक बातचीत के महत्व को रेखांकित किया है, जो भविष्य में केंद्रीय एजेंसियों और अन्य राज्यों के साथ बातचीत के लिए एक मिसाल पेश करता है।