📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lsdjfhkjsb (talk)
अपराध
गुजरात की अदालत ने तीन को आजीवन कैद सजा, हिंदू शास्त्रों का हवाला
✍️ India Today
🗓 29 अक्टू. 2026, 03:37 PM
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गुजरात की अदालत ने एक गाय के अवैध वध के लिए तीन व्यक्तियों को आजीवन कैद सजा दी, अपने निर्णय में हिंदू शास्त्रों का उल्लेख किया।
गुजरात की एक अदालत ने गुरुवार को एक गाय के अवैध वध के लिए तीन पुरुषों को आजीवन कैद सजा सुनाई। न्यायालय ने अपने निर्णय में हिंदू शास्त्रों के अंशों का हवाला देते हुए इस प्रथा की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता पर बल दिया।
प्रतिवादियों पर गुजरात के क़ानून के तहत आरोप लगाया गया, जो गाय वध को सख्त दण्ड के साथ रोकता है। न्यायाधीश ने बताया कि यह कृत्य न केवल कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन है, बल्कि हिंदू समुदाय की भावनाओं को भी आहत करता है।
निर्णय में यह भी कहा गया कि शास्त्रों में गाय को पवित्र माना जाता है और प्रतिवादियों ने जानबूझकर कानूनी और धार्मिक दोनों नियमों का उल्लंघन किया। आजीवन सजा का उद्देश्य भविष्य में इसी तरह के अपराधों को रोकना है।
इस फैसले पर कानूनी विशेषज्ञों और धार्मिक नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी, जिन्होंने इसे क़ानून और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता का उदाहरण माना।
प्रतिवादियों पर गुजरात के क़ानून के तहत आरोप लगाया गया, जो गाय वध को सख्त दण्ड के साथ रोकता है। न्यायाधीश ने बताया कि यह कृत्य न केवल कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन है, बल्कि हिंदू समुदाय की भावनाओं को भी आहत करता है।
निर्णय में यह भी कहा गया कि शास्त्रों में गाय को पवित्र माना जाता है और प्रतिवादियों ने जानबूझकर कानूनी और धार्मिक दोनों नियमों का उल्लंघन किया। आजीवन सजा का उद्देश्य भविष्य में इसी तरह के अपराधों को रोकना है।
इस फैसले पर कानूनी विशेषज्ञों और धार्मिक नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी, जिन्होंने इसे क़ानून और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता का उदाहरण माना।