📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / This picture has been taken by Oleg Yunakov. Conta
धर्म
अमृतसर: बंदी छोड़ दिवस व दिवाली पर स्वर्ण मंदिर का अलौकिक नजारा
✍️ Amar Ujala · Amritsar
🗓 08 नव. 2026, 12:38 PM
👁 9
अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में बंदी छोड़ दिवस और दिवाली के अवसर पर दीपमालाओं से सजा हुआ अलौकिक नजारा देखने को मिला, जहां काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
अमृतसर में बंदी छोड़ दिवस और दिवाली के उत्सव के दौरान स्वर्ण मंदिर का नजारा बेहद अलौकिक रहा। मंदिर परिसर को दीपमालाओं और सजावट से सुंदरता प्रदान की गई, जिसने इस पवित्र स्थल को एक अलग ही आभूषित रूप दिया। इस अवसर पर काफी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संगत मंदिर में पहुंचे।
श्रद्धालु प्रदीप कौर ने बताया कि यह दिन सिख धर्म के लिए ऐतिहासिक महत्व का है। छठे पातशाह श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब जी ने ग्वालियर के किले से 52 राजाओं को रिहा करवाया था और इसके बाद वे अमृतसर लौटे थे। उनकी इस जीत और आमद की खुशी में संगत ने उत्सव मनाया।
इस पवित्र अवसर पर मंदिर में दीपों की रोशनी ने एक आध्यात्मिक और खुशहाल माहौल बनाया। श्रद्धालुओं ने गुरु जी के ऐतिहासिक कारनामे को याद करते हुए और दीपों के त्योहार का आनंद लेते हुए पूजा-अर्चना की।
श्रद्धालु प्रदीप कौर ने बताया कि यह दिन सिख धर्म के लिए ऐतिहासिक महत्व का है। छठे पातशाह श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब जी ने ग्वालियर के किले से 52 राजाओं को रिहा करवाया था और इसके बाद वे अमृतसर लौटे थे। उनकी इस जीत और आमद की खुशी में संगत ने उत्सव मनाया।
इस पवित्र अवसर पर मंदिर में दीपों की रोशनी ने एक आध्यात्मिक और खुशहाल माहौल बनाया। श्रद्धालुओं ने गुरु जी के ऐतिहासिक कारनामे को याद करते हुए और दीपों के त्योहार का आनंद लेते हुए पूजा-अर्चना की।