📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gauhati High Court
देश
गौहाटी उच्च न्यायालय ने असम के अधिकार कार्यकर्ता प्रणब दौले की NSA गिरफ्तारी रद्द कर दी
✍️ The Economic Times
🗓 07 नव. 2026, 12:07 PM
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गौहाटी उच्च न्यायालय ने असम के अधिकार कार्यकर्ता प्रणब दौले को रिहा करने का आदेश दिया है, जिसमें उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत प्रिवेंटिव गिरफ्तारी को रद्द कर दिया गया है।
गौहाटी उच्च न्यायालय ने असम के प्रसिद्ध अधिकार कार्यकर्ता प्रणब दौले के मामले में हस्तक्षेप करते हुए उनकी प्रिवेंटिव गिरफ्तारी को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी गिरफ्तारी की कोई औचित्य नहीं है, जिसके परिणामस्वरुप उन्हें तुरंत रिहा किया गया है।
यह कानूनी फैसला प्रणब दौले के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है, जिन्होंने क्षेत्र के अधिकार आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाई है। न्यायालय का यह आदेश प्रशासनिक आदेश को निरस्त कर देता है, जिसके कारण वे कस्टडी में बंद थे, और इससे न्यायिक प्रणाली की भूमिका स्पष्ट होती है।
यह फैसला असम में प्रिवेंटिव गिरफ्तारी के कानूनों के संदर्भ में चर्चा का विषय बनेगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे निर्णय मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और राजनीतिक विरोध के मामलों में न्यायिक निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।
यह कानूनी फैसला प्रणब दौले के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है, जिन्होंने क्षेत्र के अधिकार आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाई है। न्यायालय का यह आदेश प्रशासनिक आदेश को निरस्त कर देता है, जिसके कारण वे कस्टडी में बंद थे, और इससे न्यायिक प्रणाली की भूमिका स्पष्ट होती है।
यह फैसला असम में प्रिवेंटिव गिरफ्तारी के कानूनों के संदर्भ में चर्चा का विषय बनेगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे निर्णय मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और राजनीतिक विरोध के मामलों में न्यायिक निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।