📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramesh Lalwani
राजनीति
7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के लिए ईसी ने फिर खोला दस्तावेज़ीकरण का द्वार
✍️ The Indian Express
🗓 07 नव. 2026, 06:41 PM
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चुनाव आयोग ने उन मतदाताओं के लिए 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दस्तावेज़ीकरण का द्वार फिर खोल दिया है, जिनके नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए थे।
भारत के चुनाव आयोग (ईसी) ने मतदाता सूची में शामिल होने के लिए उन लोगों को अवसर देने के लिए दस्तावेज़ीकरण का द्वार फिर खोल दिया है, जिनके नाम प्रारंभिक सूची में नहीं थे। यह फैसला विशेष रूप से उन 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए लिया गया है जहाँ प्रारंभिक सूची में त्रुटियाँ पाई गई थीं।
इस कदम से उन नागरिकों को मौका मिलता है जिनके नाम गलती से छूट गए थे, ताकि वे अपना दावा दर्ज कर सकें या आपत्ति दर्ज कर सकें। आयोग का उद्देश्य अंतिम मतदाता सूची के तैयार होने से पहले इन त्रुटियों को सुधारना है, ताकि हर पात्र मतदाता सूची में शामिल हो सके।
यह प्रक्रिया सामान्य चुनावी तैयारी का हिस्सा है, जहाँ प्रारंभिक सूची सार्वजनिक जाँच के लिए प्रकाशित की जाती है। द्वार फिर खोलकर, ईसी प्रभावित नागरिकों को अपनी जानकारी सत्यापित करने और अपने पंजीकरण की स्थिति को सटीक बनाने का अंतिम मौका दे रही है।
आयोग द्वारा अधिसूचित विशिष्ट राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस निर्देश के दायरे में आते हैं। इन क्षेत्रों के मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रारंभिक सूची की जाँच करें और आवश्यक सुधार दर्ज करें, ताकि वे अंतिम सूची से बाहर न रह जाएँ।
इस कदम से उन नागरिकों को मौका मिलता है जिनके नाम गलती से छूट गए थे, ताकि वे अपना दावा दर्ज कर सकें या आपत्ति दर्ज कर सकें। आयोग का उद्देश्य अंतिम मतदाता सूची के तैयार होने से पहले इन त्रुटियों को सुधारना है, ताकि हर पात्र मतदाता सूची में शामिल हो सके।
यह प्रक्रिया सामान्य चुनावी तैयारी का हिस्सा है, जहाँ प्रारंभिक सूची सार्वजनिक जाँच के लिए प्रकाशित की जाती है। द्वार फिर खोलकर, ईसी प्रभावित नागरिकों को अपनी जानकारी सत्यापित करने और अपने पंजीकरण की स्थिति को सटीक बनाने का अंतिम मौका दे रही है।
आयोग द्वारा अधिसूचित विशिष्ट राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस निर्देश के दायरे में आते हैं। इन क्षेत्रों के मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रारंभिक सूची की जाँच करें और आवश्यक सुधार दर्ज करें, ताकि वे अंतिम सूची से बाहर न रह जाएँ।