📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rohit2301
मौसम
दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में हवा 'बेहद खराब', GRAP-3 लागू
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 07 नव. 2026, 07:37 PM
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पराली जलाने और धीमी हवाओं के कारण दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच गई है, जिसके चलते GRAP-3 के नियम लागू किए गए हैं।
दिवाली त्योहार के आने से पहले दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता का स्तर 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच गया है। पड़ोसी राज्यों में खेती के अवशेषों (पराली) को जलाने और हवाओं की धीमी गति के कारण प्रदूषण के स्तर में तेजी से वृद्धि देखी गई है, जिससे हवा में कणों की मात्रा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने GRAP-3 (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के तहत कड़ी पाबंदियां लागू कर दी हैं। इन नियमों का उद्देश्य प्रदूषण उत्पन्न करने वाली गतिविधियों को नियंत्रित करना और वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है। GRAP-3 की घोषणा के साथ ही क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वायु गुणवत्ता के खराब होने के कारण नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उन्हें बाहर निकलने से बचना और प्रोटेक्टिव मास्क का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। मौसमी खेती की प्रथाओं और मौसमी कारकों के संयोजन ने राजधानी क्षेत्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक चुनौतीपूर्ण परिस्थिति पैदा कर दी है।
हालांकि, तत्काल ध्यान वर्तमान गंभीर स्थिति को प्रबंधित करने पर केंद्रित है, लेकिन दिवाली के बाद की स्थिति का पूर्वानुमान भी सावधानी से मॉनिटर किया जा रहा है। प्रशासन त्योहार के आने तक लागू की गई पाबंदियों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पर पड़ने वाले प्रभाव का मूल्यांकन जारी रखे हुए है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने GRAP-3 (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के तहत कड़ी पाबंदियां लागू कर दी हैं। इन नियमों का उद्देश्य प्रदूषण उत्पन्न करने वाली गतिविधियों को नियंत्रित करना और वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है। GRAP-3 की घोषणा के साथ ही क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वायु गुणवत्ता के खराब होने के कारण नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उन्हें बाहर निकलने से बचना और प्रोटेक्टिव मास्क का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। मौसमी खेती की प्रथाओं और मौसमी कारकों के संयोजन ने राजधानी क्षेत्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक चुनौतीपूर्ण परिस्थिति पैदा कर दी है।
हालांकि, तत्काल ध्यान वर्तमान गंभीर स्थिति को प्रबंधित करने पर केंद्रित है, लेकिन दिवाली के बाद की स्थिति का पूर्वानुमान भी सावधानी से मॉनिटर किया जा रहा है। प्रशासन त्योहार के आने तक लागू की गई पाबंदियों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पर पड़ने वाले प्रभाव का मूल्यांकन जारी रखे हुए है।