📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Laurie Jones aka ljonesimages on Flickr
देश
दिल्ली इमारत गिरने का मामला: जांच में सामने आया कि मालिक ने अप्रैल की चेतावनी नज़रअंदाज़ की
✍️ NDTV
🗓 06 नव. 2026, 04:44 AM
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प्रारंभिक जांच के अनुसार, दिल्ली में गिरी इमारत के मालिक ने अप्रैल में जारी सुरक्षा सलाह नज़रअंदाज़ करते हुए ऊपरी मंजिलों पर अनुमति के बिना निर्माण कार्य कराया।
दिल्ली में हाल ही में हुई इमारत के गिरने की जांच में सुरक्षा प्रोटोकॉल में गंभीर लापरवाही सामने आई है। प्रारंभिक जांच के मुताबिक, इमारत के मालिक समीउल्लाह ने दूसरी और तीसरी मंजिलों पर नया निर्माण कार्य कराया, जिसके लिए उन्हें पूर्व में कोई अनुमति नहीं मिली थी।
रिपोर्ट के अनुसार, ये अनुचित संरचनात्मक परिवर्तन अप्रैल में जारी की गई एक विशेष सलाह के उल्लंघन में किए गए थे। यह सलाह संभवतः संरचनात्मक चिंताओं को लेकर जारी की गई थी या किसी और कार्य से पहले अनुपालन जांच की मांग कर रही थी। इस चेतावनी के बावजूद, निर्माण कार्य जारी रहा, जिसके परिणामस्वरूप छह महीने बाद इमारत का गंभीर ढहाव हो गया।
यह घटना राष्ट्रीय राजधानी में इमारतों की सुरक्षा मानकों और प्रवर्तन तंत्र के बारे में गंभीर चिंताओं को जगा रही है। अधिकारियों ने घटनाक्रम की समय-रेखा का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है, ताकि यह समझा जा सके कि एक ज्ञात जोखिम को इतने लंबे समय तक नज़रअंदाज़ क्यों किया गया। यह मामला घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की कड़ाई से निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
अप्रैल की सलाह की प्रकृति या सटीक संरचनात्मक दोषों के बारे में प्रारंभिक रिपोर्ट में और विस्तार से जानकारी नहीं दी गई। हालांकि, फोकस इस बात पर बना हुआ है कि मालिक ने आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों को नज़रअंदाज़ किया, जिससे यह दुर्घटना हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, ये अनुचित संरचनात्मक परिवर्तन अप्रैल में जारी की गई एक विशेष सलाह के उल्लंघन में किए गए थे। यह सलाह संभवतः संरचनात्मक चिंताओं को लेकर जारी की गई थी या किसी और कार्य से पहले अनुपालन जांच की मांग कर रही थी। इस चेतावनी के बावजूद, निर्माण कार्य जारी रहा, जिसके परिणामस्वरूप छह महीने बाद इमारत का गंभीर ढहाव हो गया।
यह घटना राष्ट्रीय राजधानी में इमारतों की सुरक्षा मानकों और प्रवर्तन तंत्र के बारे में गंभीर चिंताओं को जगा रही है। अधिकारियों ने घटनाक्रम की समय-रेखा का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है, ताकि यह समझा जा सके कि एक ज्ञात जोखिम को इतने लंबे समय तक नज़रअंदाज़ क्यों किया गया। यह मामला घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की कड़ाई से निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
अप्रैल की सलाह की प्रकृति या सटीक संरचनात्मक दोषों के बारे में प्रारंभिक रिपोर्ट में और विस्तार से जानकारी नहीं दी गई। हालांकि, फोकस इस बात पर बना हुआ है कि मालिक ने आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों को नज़रअंदाज़ किया, जिससे यह दुर्घटना हो सकती है।