📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joint Suffrage Procession Committee(?), restored b
राजनीति
नागपुर में कांग्रेस ने MLC पदों पर मोदी-फडणवीस पर खोली आग
✍️ NDTV
🗓 29 अक्टू. 2026, 02:37 PM
👁 4
नागपुर में कांग्रेस नेताओं ने MLC पदों के बंटवारे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और देवेंद्र फडणवीस पर हमला बोला, उन्हें राजनीतिक स्क्रिप्ट बदलने का आरोप लगाया।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनावों से जुड़े हालिया घटनाक्रम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखी आलोचना की है। नागपुर में पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ गठबंधन राजनीतिक स्क्रिप्ट को अपनी मर्ज़ी से बदल रहा है ताकि अपनी पकड़ मज़बूत कर सके।
नागपुर में एक सार्वजनिक सभा के दौरान, कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर MLC पदों का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इन पदों का बंटवारा योग्यता या संवैधानिक मानकों के आधार पर नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ पार्टी के पक्ष में खेल बदलने की रणनीति के तहत किया गया है।
विपक्षी दल ने इस मामले को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमले के रूप में प्रस्तुत किया है। कांग्रेस का कहना है कि सत्तारूढ़ पार्टी के ये कदम संघवाद के भावनाओं को कमज़ोर करने और राज्य विधानसभा पर अपना प्रभाव बढ़ाने के प्रयास हैं।
नागपुर में यह सभा कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण मंच रही, जहाँ उसने बीजेपी-आधारित सरकार के खिलाफ अपनी शक्ति दिखाई। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम लेकर, पार्टी का उद्देश्य सत्तारूढ़ जोड़ी पर दबाव बनाए रखना और महाराष्ट्र में MLC चुनावों की विवादित प्रकृति को उजागर करना था।
नागपुर में एक सार्वजनिक सभा के दौरान, कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर MLC पदों का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इन पदों का बंटवारा योग्यता या संवैधानिक मानकों के आधार पर नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ पार्टी के पक्ष में खेल बदलने की रणनीति के तहत किया गया है।
विपक्षी दल ने इस मामले को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमले के रूप में प्रस्तुत किया है। कांग्रेस का कहना है कि सत्तारूढ़ पार्टी के ये कदम संघवाद के भावनाओं को कमज़ोर करने और राज्य विधानसभा पर अपना प्रभाव बढ़ाने के प्रयास हैं।
नागपुर में यह सभा कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण मंच रही, जहाँ उसने बीजेपी-आधारित सरकार के खिलाफ अपनी शक्ति दिखाई। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम लेकर, पार्टी का उद्देश्य सत्तारूढ़ जोड़ी पर दबाव बनाए रखना और महाराष्ट्र में MLC चुनावों की विवादित प्रकृति को उजागर करना था।