📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Moheen Reeyad
शिक्षा
हिमाचल प्रदेश की सेंट्रल यूनिवर्सिटी को देहरा कैंपस के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित
✍️ The Tribune
🗓 05 नव. 2026, 09:39 AM
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शिक्षा मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश की सेंट्रल यूनिवर्सिटी के देहरा कैंपस के विकास के लिये 50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
केंद्रीय सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के माध्यम से हिमाचल प्रदेश की सेंट्रल यूनिवर्सिटी के देहरा कैंपस के निर्माण के लिये 50 करोड़ रुपये का निधि पैकेज मंजूर किया है। यह राशि विश्वविद्यालय के विस्तार योजना के तहत राज्य में उसकी शैक्षणिक उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से दी गई है।
देहरा कैंपस को जिले में निर्धारित भूखंड पर विकसित किया जाएगा, जिसमें कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, फैकल्टी व छात्रों के लिए आवासीय सुविधा और पुस्तकालय शामिल होंगे। परियोजना अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य आने वाले कुछ महीनों में शुरू हो सकता है और 2027 शैक्षणिक सत्र तक कैंपस को संचालन योग्य बनाने का लक्ष्य है।
राज्य के प्रतिनिधियों ने कहा कि नया कैंपस पहाड़ी क्षेत्रों के छात्रों को उच्च शिक्षा तक आसान पहुँच प्रदान करेगा, जिससे लंबी दूरी की यात्रा की आवश्यकता कम होगी। निर्माण अवधि में स्थानीय रोजगार सृजन होगा और कैंपस के चालू होने पर आसपास की सेवाओं में भी वृद्धि की उम्मीद है।
विश्वविद्यालय की गवर्निंग काउंसिल निधियों के उपयोग की देखरेख करेगी, केंद्रीय दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करेगी और बुनियादी ढाँचे के समय पर पूर्ण होने की निगरानी करेगी। प्रगति की नियमित रिपोर्टें शिक्षा मंत्रालय को ऑडिट और समीक्षा के लिये भेजी जाएँगी।
देहरा कैंपस को जिले में निर्धारित भूखंड पर विकसित किया जाएगा, जिसमें कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, फैकल्टी व छात्रों के लिए आवासीय सुविधा और पुस्तकालय शामिल होंगे। परियोजना अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य आने वाले कुछ महीनों में शुरू हो सकता है और 2027 शैक्षणिक सत्र तक कैंपस को संचालन योग्य बनाने का लक्ष्य है।
राज्य के प्रतिनिधियों ने कहा कि नया कैंपस पहाड़ी क्षेत्रों के छात्रों को उच्च शिक्षा तक आसान पहुँच प्रदान करेगा, जिससे लंबी दूरी की यात्रा की आवश्यकता कम होगी। निर्माण अवधि में स्थानीय रोजगार सृजन होगा और कैंपस के चालू होने पर आसपास की सेवाओं में भी वृद्धि की उम्मीद है।
विश्वविद्यालय की गवर्निंग काउंसिल निधियों के उपयोग की देखरेख करेगी, केंद्रीय दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करेगी और बुनियादी ढाँचे के समय पर पूर्ण होने की निगरानी करेगी। प्रगति की नियमित रिपोर्टें शिक्षा मंत्रालय को ऑडिट और समीक्षा के लिये भेजी जाएँगी।