📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Textiles
राजनीति
बिहार CM ने पंचायत भवनों के निर्माण में तेजी और सोलर पैनल अपग्रेड का दिया निर्देश
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 06 नव. 2026, 04:36 PM
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बिहार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पंचायत भवनों के निर्माण की प्रक्रिया को तेज करने और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी संवेदकों को सौंपने का निर्देश दिया है। साथ ही जलमीनारों पर 5 किलोवाट की जगह 20 किलोवाट के सोलर पैनल लगाने का आदेश भी जारी किया गया है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थानीय स्वशासन संस्थाओं की बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य राज्य भर में पंचायत भवनों के निर्माण की प्रक्रिया को तेज करना है, ताकि इन प्रशासनिक केंद्रों की स्थापना में और देरी न हो।
प्रशासनिक जिम्मेदारियों को विकेन्द्रीकृत करने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि पंचायत भवनों के रखरखाव की जिम्मेदारी संवेदकों को सौंपी जाए। इस फैसले से स्थानीय स्तर पर सरकारी भवनों की देखभाल वह कर सकेंगे जो ग्राम स्तर के प्रशासन से सीधे जुड़े हुए हैं, जिससे भवनों की स्थिति बेहतर बनेगी।
इसके अलावा, निर्देश में ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग पर भी बल दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सरकारी भवनों के लिए सोलराइजेशन अनुमानों को अपडेट करने का आदेश दिया है, जिसमें उच्च क्षमता वाले सिस्टम शामिल किए जाएंगे। विशेष रूप से, जलमीनारों पर लगाए गए मौजूदा 5 किलोवाट के सोलर पैनलों को हटाकर 20 किलोवाट के पैनल लगाए जाएंगे, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
ये उपाय बिहार में ग्रामीण बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जो प्रशासनिक दक्षता और टिकाऊ ऊर्जा प्रथाओं को जोड़ती है। राज्य सरकार की उम्मीद है कि इन बदलावों से पंचायतों की कार्यक्षमता में सुधार होगा और सार्वजनिक उपयोगिताओं के लिए गैर-नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी।
प्रशासनिक जिम्मेदारियों को विकेन्द्रीकृत करने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि पंचायत भवनों के रखरखाव की जिम्मेदारी संवेदकों को सौंपी जाए। इस फैसले से स्थानीय स्तर पर सरकारी भवनों की देखभाल वह कर सकेंगे जो ग्राम स्तर के प्रशासन से सीधे जुड़े हुए हैं, जिससे भवनों की स्थिति बेहतर बनेगी।
इसके अलावा, निर्देश में ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग पर भी बल दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सरकारी भवनों के लिए सोलराइजेशन अनुमानों को अपडेट करने का आदेश दिया है, जिसमें उच्च क्षमता वाले सिस्टम शामिल किए जाएंगे। विशेष रूप से, जलमीनारों पर लगाए गए मौजूदा 5 किलोवाट के सोलर पैनलों को हटाकर 20 किलोवाट के पैनल लगाए जाएंगे, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
ये उपाय बिहार में ग्रामीण बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जो प्रशासनिक दक्षता और टिकाऊ ऊर्जा प्रथाओं को जोड़ती है। राज्य सरकार की उम्मीद है कि इन बदलावों से पंचायतों की कार्यक्षमता में सुधार होगा और सार्वजनिक उपयोगिताओं के लिए गैर-नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी।