📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
बिहार CM का दावा: बॉलेट और EVM दोनों में कांग्रेस को हार
✍️ The Hindu
🗓 29 अक्टू. 2026, 02:38 PM
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बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा है कि चाहे बॉलेट पेपर हो या EVM, कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ेगा।
बिहार के मुख्यमंत्री ने राज्य में कांग्रेस पार्टी की चुनावी संभावनाओं के संबंध में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि चाहे पारंपरिक बॉलेट पेपर का उपयोग हो या इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का, विपक्षी पार्टी को निश्चित हार का सामना करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री के इन शब्दों से यह संकेत मिलता है कि चुनाव का नतीजा किस तरह की वोटिंग विधि के उपयोग पर निर्भर नहीं करता है। दोनों परिदृश्यों में कांग्रेस की हार का उल्लेख करके, उन्होंने संभावित आरोपों को रोकने का प्रयास किया है कि किसी विशेष वोटिंग तकनीक से पूर्वाग्रह हो सकता है।
यह बयान बिहार में चल रही राजनीतिक चर्चा को और गहरा करता है, जहाँ शासक दल अपनी चुनावी ताकत में आत्मविश्वास प्रकट कर रहा है। मुख्यमंत्री के इन टिप्पणियों को चुनावों के पूर्व राजनीतिक विश्लेषण का केंद्र बिंदु बनने की उम्मीद है, क्योंकि विपक्षी दल इन दावों का जवाब देने के लिए तैयार होंगे।
दोनों वोटिंग प्रणालियों पर जोर देने से यह प्रतीत होता है कि चुनावी प्रक्रिया की अखंडता से जुड़े बहस को रोकने का एक रणनीतिक प्रयास है, जिससे कि चर्चा तकनीकी पहलुओं के बजाय पार्टी के जनसमर्थन की कमी पर केंद्रित रहे।
मुख्यमंत्री के इन शब्दों से यह संकेत मिलता है कि चुनाव का नतीजा किस तरह की वोटिंग विधि के उपयोग पर निर्भर नहीं करता है। दोनों परिदृश्यों में कांग्रेस की हार का उल्लेख करके, उन्होंने संभावित आरोपों को रोकने का प्रयास किया है कि किसी विशेष वोटिंग तकनीक से पूर्वाग्रह हो सकता है।
यह बयान बिहार में चल रही राजनीतिक चर्चा को और गहरा करता है, जहाँ शासक दल अपनी चुनावी ताकत में आत्मविश्वास प्रकट कर रहा है। मुख्यमंत्री के इन टिप्पणियों को चुनावों के पूर्व राजनीतिक विश्लेषण का केंद्र बिंदु बनने की उम्मीद है, क्योंकि विपक्षी दल इन दावों का जवाब देने के लिए तैयार होंगे।
दोनों वोटिंग प्रणालियों पर जोर देने से यह प्रतीत होता है कि चुनावी प्रक्रिया की अखंडता से जुड़े बहस को रोकने का एक रणनीतिक प्रयास है, जिससे कि चर्चा तकनीकी पहलुओं के बजाय पार्टी के जनसमर्थन की कमी पर केंद्रित रहे।