📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Information and public relations department Govern
राजनीति
बिहार कैबिनेट में बदलाव की चर्चा: निशांत कुमार डिप्टी सीएम बनेंगे?
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 06 नव. 2026, 05:37 PM
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प्रधानमंत्री के बिहार दौरे से पहले कैबिनेट में बड़े बदलाव की चर्चाओं को गति मिली है। खबरों के अनुसार, निशांत कुमार डिप्टी सीएम बनेंगे और संजय झा केंद्रीय मंत्री की कुर्सी पर बैठेंगे।
बिहार की राजनीतिक गलियों में मुख्यमंत्री और कैबिनेट में बड़े बदलाव की चर्चाओं को गति मिली है। खबरों के अनुसार, ये बदलाव प्रधानमंत्री के आगामी बिहार दौरे से पहले किए जाने की संभावना है। इससे राज्य के शीर्ष स्तर के पदों में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है।
चर्चाओं के मुताबिक, डिप्टी सीएम निशांत कुमार अपनी पकड़ मजबूत करेंगे, जबकि केंद्रीय मंत्री संजय झा को केंद्र में किसी अन्य मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यह बदलाव राज्य और केंद्र के बीच राजनीतिक समीकरण को प्रभावित कर सकता है।
जदयू (JD(U)) के अंदरूनी मामलों में भी बदलाव की आहट है। रिपोर्ट्स का कहना है कि विजय कुमार चौधरी जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष पद के लिए अग्रिम पंक्ति में हैं। इसके अलावा, ललन सिंह को अपनी मौजूदा भूमिका से किनारे लगाने और विजेंद्र प्रसाद यादव के राजनीतिक रिटायरमेंट की भी अफवाहें फैली हुई हैं।
हालांकि, अभी तक राज्य सरकार या पार्टी के टॉप नेतृत्व से इन बदलावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये बदलाव हुए, तो यह प्रधानमंत्री के दौरे से पहले प्रशासनिक तैयारियों और राजनीतिक स्थिरता को सुदृढ़ करने का प्रयास हो सकता है।
चर्चाओं के मुताबिक, डिप्टी सीएम निशांत कुमार अपनी पकड़ मजबूत करेंगे, जबकि केंद्रीय मंत्री संजय झा को केंद्र में किसी अन्य मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यह बदलाव राज्य और केंद्र के बीच राजनीतिक समीकरण को प्रभावित कर सकता है।
जदयू (JD(U)) के अंदरूनी मामलों में भी बदलाव की आहट है। रिपोर्ट्स का कहना है कि विजय कुमार चौधरी जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष पद के लिए अग्रिम पंक्ति में हैं। इसके अलावा, ललन सिंह को अपनी मौजूदा भूमिका से किनारे लगाने और विजेंद्र प्रसाद यादव के राजनीतिक रिटायरमेंट की भी अफवाहें फैली हुई हैं।
हालांकि, अभी तक राज्य सरकार या पार्टी के टॉप नेतृत्व से इन बदलावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये बदलाव हुए, तो यह प्रधानमंत्री के दौरे से पहले प्रशासनिक तैयारियों और राजनीतिक स्थिरता को सुदृढ़ करने का प्रयास हो सकता है।