📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Castor boat
राजनीति
बिहार SIR विवाद: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने जारी किया रिकॉर्ड, बताए हटाए गए नामों की संख्या
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 05 नव. 2026, 04:37 PM
👁 4
विपक्ष के SIR के खिलाफ आरोपों का खंडन करते हुए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बिहार के विशेष गहन पुनरीक्षण का पूरा रिकॉर्ड पेश किया।
नई दिल्ली: देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ते देख, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने आंकड़ों के सहारे इस प्रक्रिया को स्पष्ट करने का प्रयास किया है। गुरुवार को मंत्री ने बिहार में किए गए SIR का पूरा रिकॉर्ड पेश किया, जिसमें विपक्ष के लगाए गए आरोपों का खंडन शामिल है।
विपक्षी दल लगातार SIR का विरोध करते हुए इससे वोट चोरी और मतदाता सूची में हेरफेर की बात कर रहे हैं। इसके जवाब में भाजपा ने आंकड़ों के आधार पर इस नैरेटिव को तोड़ने के लिए कवायद शुरू कर दी है।
मंत्री भूपेंद्र यादव ने बिहार में कितने नाम हटाए गए और कुल कितनी आपत्तियां दर्ज हुईं, इसका विस्तृत हिसाब बताया। इस कदम से केंद्र सरकार का मकसद यह साबित करना है कि बिहार में SIR की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के तहत की गई है।
यह पहल आगामी चुनावों से पहले विपक्ष के SIR विरोधी माहौल को कमजोर करने और जनता को सही तथ्यों से अवगत कराने के लिए की गई है।
विपक्षी दल लगातार SIR का विरोध करते हुए इससे वोट चोरी और मतदाता सूची में हेरफेर की बात कर रहे हैं। इसके जवाब में भाजपा ने आंकड़ों के आधार पर इस नैरेटिव को तोड़ने के लिए कवायद शुरू कर दी है।
मंत्री भूपेंद्र यादव ने बिहार में कितने नाम हटाए गए और कुल कितनी आपत्तियां दर्ज हुईं, इसका विस्तृत हिसाब बताया। इस कदम से केंद्र सरकार का मकसद यह साबित करना है कि बिहार में SIR की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के तहत की गई है।
यह पहल आगामी चुनावों से पहले विपक्ष के SIR विरोधी माहौल को कमजोर करने और जनता को सही तथ्यों से अवगत कराने के लिए की गई है।