📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pixel009
देश
सौ साल बाद बांधवगढ़ में बारहसिंगों की वापसी, वन्यजीव संरक्षण की बड़ी जीत
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 05 नव. 2026, 09:36 AM
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करीब एक शताब्दी के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बारहसिंगों की वापसी हुई है। वैज्ञानिक प्रबंधन से उनकी संख्या मई 2026 तक 65 तक पहुंच गई।
मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है, जिसमें बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बारहसिंगों की पुनर्भरती सफल रही है। लगभग एक सौ साल के अंतराल के बाद ये जानवर फिर से इस क्षेत्र के जंगलों में बसने लगे हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
इस अभियान की शुरुआत कान्हा राष्ट्रीय उद्यान से लाए गए 48 बारहसिंगों के स्थानांतरण से हुई थी। वैज्ञानिक प्रबंधन और कड़े सुरक्षा इंतजामों के कारण इनकी संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई। मई 2026 तक रिजर्व में बारहसिंगों की संख्या बढ़कर 65 पहुंच गई, जो पुनर्भरती कार्यक्रम की सफलता को दर्शाती है।
इस घटना को राज्य के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों की एक बड़ी जीत माना जा रहा है। इस प्रजाति की वापसी न केवल रिजर्व में जैव विविधता को बहाल करने में मदद करती है, बल्कि इस विशिष्ट हिरण की आबादी के दीर्घकालिक अस्तित्व की गारंटी भी देती है।
इस अभियान की शुरुआत कान्हा राष्ट्रीय उद्यान से लाए गए 48 बारहसिंगों के स्थानांतरण से हुई थी। वैज्ञानिक प्रबंधन और कड़े सुरक्षा इंतजामों के कारण इनकी संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई। मई 2026 तक रिजर्व में बारहसिंगों की संख्या बढ़कर 65 पहुंच गई, जो पुनर्भरती कार्यक्रम की सफलता को दर्शाती है।
इस घटना को राज्य के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों की एक बड़ी जीत माना जा रहा है। इस प्रजाति की वापसी न केवल रिजर्व में जैव विविधता को बहाल करने में मदद करती है, बल्कि इस विशिष्ट हिरण की आबादी के दीर्घकालिक अस्तित्व की गारंटी भी देती है।