📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / PP Yoonus
धर्म
अयोध्या के 56 घाटों पर जले 36 लाख दीये, दीपोत्सव में जगमगाई रामनगरी
✍️ Aaj Tak
🗓 08 नव. 2026, 06:42 AM
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दीपोत्सव-2026 के दौरान अयोध्या के 56 घाटों पर 36 लाख से अधिक दीये जलाए गए, जिससे पूरी रामनगरी रोशनी से जगमगा उठी और बड़ी संख्या में लोग इस नजारे को देखने पहुंचे।
दीपोत्सव-2026 के अवसर पर पवित्र नगरी अयोध्या में एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत हुआ, जब सरयू नदी किनारे स्थित 56 घाटों पर 36 लाख से अधिक दीये जलाए गए। इस विशाल रोशनी ने पूरी रामनगरी को एक अलग ही आभूषण में सजा दिया, जिसने स्थानीय निवासियों और आगंतुकों को मोहित कर दिया।
इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए लोगों की भीड़ बड़ी संख्या में जमा रही। एक साथ इतने बड़े पैमाने पर दीप प्रज्वलित करने का यह दृश्य न केवल आकर्षक था, बल्कि इसमें गहरी आध्यात्मिक महती भी शामिल थी। दीपोत्सव मानसून के अंत और सर्दियों की शुरुआत का प्रतीक है, और अयोध्या में इसका विशेष महत्व है।
शहर की प्रशासनिक टीम और स्थानीय स्वयंसेवकों ने मिलकर सुनिश्चित किया कि सभी निर्धारित घाटों पर दीये सुरक्षित और समय पर जलाए जाएं। सरयू नदी की सतह पर दीयों की रोशनी का प्रतिबिंब एक अद्भुत दृश्य पैदा करता है, जो अयोध्या के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को और भी उभारता है।
यह उत्सव अयोध्या को एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में एक बार फिर से स्थापित करता है, जहाँ परंपरा और जन-सहभागिता का यह अनोखा संगम दर्शकों के मन में गहरा प्रभाव छोड़ता है।
इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए लोगों की भीड़ बड़ी संख्या में जमा रही। एक साथ इतने बड़े पैमाने पर दीप प्रज्वलित करने का यह दृश्य न केवल आकर्षक था, बल्कि इसमें गहरी आध्यात्मिक महती भी शामिल थी। दीपोत्सव मानसून के अंत और सर्दियों की शुरुआत का प्रतीक है, और अयोध्या में इसका विशेष महत्व है।
शहर की प्रशासनिक टीम और स्थानीय स्वयंसेवकों ने मिलकर सुनिश्चित किया कि सभी निर्धारित घाटों पर दीये सुरक्षित और समय पर जलाए जाएं। सरयू नदी की सतह पर दीयों की रोशनी का प्रतिबिंब एक अद्भुत दृश्य पैदा करता है, जो अयोध्या के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को और भी उभारता है।
यह उत्सव अयोध्या को एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में एक बार फिर से स्थापित करता है, जहाँ परंपरा और जन-सहभागिता का यह अनोखा संगम दर्शकों के मन में गहरा प्रभाव छोड़ता है।